Translate

शनिवार, 19 जनवरी 2019


स्नेह सरोकार सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों ने कुपोषित बच्चों को लिया गोद।



रुपेश जैन बक्सवाहा(छतरपुर)। महिला एवं बाल विकास के तत्वाधान में ग्राम पंचायत बाजना में स्नेह सरोकार सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच बबलू पटेल उपस्थित रहे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुष चिकित्सक डॉ अनंत अहिरवार, एमपीडब्ल्यू सुपरवाइजर केबी शर्मा, सरपंच पप्पू यादव, पर्यवेक्षक संतोषी, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी कुमारी हेमलता ठाकुर  उपस्थित रहे।
 कार्यक्रम के इस शुभ अवसर पर आए हुए सभी अतिथियों का टीका लगाकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तत्पश्चात परियोजना अधिकारी के द्वारा बताया गया इस स्नेह सरोकार कार्यक्रम के माध्यम से गांव के कुपोषित बच्चों को जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गोद देकर उन्हें कुपोषण से मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्योंकि वह तो 14 दिन तक एनआरसी में रहता है लेकिन उसके बावजूद भी उस बच्चे की सतत देखरेख व फॉलो करने की आवश्यकता होती है। उपस्थित सभी लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि कुपोषण हमारे समाज के लिए कलंक जैसा है इसे दूर करने में हम सब की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।
 साथ ही यह भी बताया गया कि अगर एक बार बच्चा कुपोषित हो जाता है तो शारीरिक और मानसिक रूप से वह पूर्णता: परिपक्व नहीं हो पाता है।इसलिए हर माताओं को इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि वह पहले और दूसरे बच्चे मे कम से कम 3 साल का अंतर अवश्य रखें ताकि बच्चे की देख रेख अच्छे से हो सके और सभी माताएं 6 माह तक बच्चे को सिर्फ मां का ही दूध पिलाएं ६ माह के बाद उसे तरल पदार्थ के रूप में थोड़ा सा खाना देना शुरू करें।
 समाज में हो रहे बाल विवाह कुपोषण का एक प्रमुख कारण है और बाल विवाह कानूनन अपराध भी है अगर इस तरह का हमारे आसपास कहीं होता है तो हमें उसे रोकने और समझाने की आवश्यकता है। तत्पश्चात जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को गोद लेकर उन्हें स्वस्थ करने का आश्वासन दिया ।
जिसमें बाजना के 7 कुपोषित बच्चों में से बबलू पटेल सरपंच ने 3 बच्चों पायल प्रजापति, ममता अहिरवार, योगेश अहिरवार को तथा मोती लाल जैन ने दो बच्चों सौम्या विश्वकर्मा, आशा को व जगदीश शुक्ला ने दो बच्चों भागा ढीमर और रानी को,बरानाद के दो बच्चों को एवं इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता राजू साहू ने छायन के दो बच्चों आनंद और उदिता आदिवासी को राम मिलन लोधी ने प्रिंस सेन और महेंद्र सिंह को गोद लिया।

उक्त बच्चों को स्वस्थ करने के लिए तथा उनका निरंतर follow-up और देखरेख होता रहे इसके लिए भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आगनबाडी सुपरवाइजर, व समर्थन संस्था के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित आयुष चिकित्सक ने सभी कुपोषित बच्चों को अस्पताल में लाने को कहा कि बच्चों की जांच कर उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में आए हुए सभी अतिथियों का परियोजना अधिकारी के द्वारा किया आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के शुभ अवसर पर , समर्थन संस्था के कार्यकर्ता तुलसीदास कुशवाहा, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, सीएसी राम रतन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिथलेश अहिरवार , सीमा विश्वकर्मा, देविका लोधी , रुक्मणी वासुदेव,  द्रौपदी राय,द्रौपदी ठाकुर, सुषमा साहू, गिरजेश राजा ,जसोदा लोधी , तुलसा यादव, द्रौपदी शुक्ला, कंचन जैन,  क्रांति खरे , चंद्रमणी नामदेव,  भागवती अहिरवार एवं सहायिकाओं में प्रभा तिवारी, गुडिया पटैल, सुधा गौड़,  रामवाई प्रजापति,  गीता सेन सहित वडी संख्या मे लोग उपस्थित रहे।