नयाब तहसीलदार के भय से अंतिम दिन उथल-पुथल होते रहे व्यापारी।
किसानो की शकायतो के बाद हरकत मे प्रशासन
संवाददाता बिंद्रावन विश्वकर्मा की रिपोर्ट.....
घुवारा(छतपुर)। उडद खरीदी केन्द्रो पर छोटे किसानो अपनी फसल को बेचना बडा ही मुस्किल होने लगा था।बही ब्यापारी चंद समय मे उडद को ले जाकर बेच देते थे जिसकी किसानो द्वारा बडामलहरा अनुबिभागीय अधिकारी राजीब समाधियाँ को शिकायते की गई।
जिस पर संज्ञान लेते हुये किसानो किसी प्रकार परेशानी न हो साथ ही ब्यापारियो के माल पर अंकुश लगाने हेतु घुवारा तहसील के नयाब तहसीलदार लक्ष्मीनारायण गर्ग को बिशेष रूप से जिम्मा सौंपा गया था।
जिसपर नयाब तहसीलदार महोदय ने खरीदी केन्द्रो का निरंतर निरीक्षण करते हुये बिना पंजीयन लिये ब्यापारियो के माल के बाहनो की जब्ती बनाकर रखबा देते रहे जिससे ब्यापारियो के ऊपर संकट के बादल मडराने लगे उन सब से निपटने के लिए ब्यापारियो ने अनेक प्रकार के षडयंत्र रचे लेकिन नयाब साहब अपने कार्तब्यो का निर्वाह करते हुये मार्ग पर कार्य करते रहे ।
अंतिम दिन ब्यापारियो ने झोकी पूरी ताकत....
खरीद की बढने की तारीक का निश्चित न होने पर शनिवार को अंतिम दिन होने पर ब्यापारियो ने सुबह से ही उडद निकालना शुरू कर दिया लेकिन नयाब साहब को जैसे ही सूचना प्राप्त होती थीे वैसे ही मोके पर जाकर माल को चैक किया गया शनिवर को सुबह सुबह करीब 8 बजे ग्रेडर मशीन के पास करीब 50बोरियो का चिट्टा लगा हुआ था जो एक समान होने के कारण शंका का बिषय बना जिस पर वहाँ जाकर पूछताछ की तो यहाँ पर एक ब्यापारी मौके पर पंजीयन नही दिखा सका साथ ही सही जबाब नही दे सका जिससे शंकाप्रद बात होने पर माल का पंचनामा बनाना शुरू किया जिसपर ब्यापारी ने पास से ही एक किसान का पंजीयन दिखा दिया जिसपर नयाब साहब ने पंजीयन को देखकर माल को छोड दिया इसप्रकार नयाबतहसीलदार की कार्य को देखकर ब्यापारियो मे पूरे दिन उथल पुथल देखने को मिला बही जैसे ही शाम को खरीदी की तारीक बढने से किसानो के चहरो पर रोनक दिखाई देने लगी।