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शनिवार, 28 सितंबर 2019

मुख्यालय पर नही रहते अधिकारी/कर्मचारी,संभागायुक्त ने मांगा जबाव।

मुख्यालय पर नही रहते अधिकारी/कर्मचारी,संभागायुक्त ने मांगा जबाव।

भर्रा-शाही के चलते ठप्प होता है शासकीय कार्य।

//अक्षय जैन//

बड़ामलहरा(छतरपुर)। अधिकारियों कर्मचारियों को मुख्यालय पर रहनें का सक्त आदेश दिया गया है वावजूद इसके वह अपने कर्तव्य स्थली से नदारद रहते है। स्थानीय शासकीय महकमों में पदस्थ्य अनेक अधिकारी कर्मचारी छतरपुर जिला में अपना मुख्यालय बनाऐ है और अप-डाउन कर ड्यूटी बजाई जा रही है।
अप-डाउन से विभागीय कामकाज और शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन दोनों प्रभावित हो रहे है। सबसे ज्यादा भर्राशाही स्थानीय जनपद पंचायत में है यहाँ तकनीकी विभाग और मनरेगा शाखा में पदस्थ्य करर्मचारी और अधिकारी का आना-जाना जिला या अन्य मुख्यालय से हो रहा है।
 बडामलहरा में निवास न करनें से कार्यालय में मनमर्जी से ही उपस्थिति होती है। उनुपस्थिति का कारण पूंछनें पर, विभागीय काम काज को लेकर कई सारे बहाने होते है। तकनीकी विभाग की उदासीनता से 79 ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्य और शासन की योजनाओं का सही तरीके से भौतिक सत्यापन व गुणवत्ता की परख भी नहीं हो पाती। माप पुस्तिका पर घर बैठे ही मूल्यांकन हो जाता है और भुकतान के उपरांत राशि का बंदरबांट हो जाता है। यही बजह है कि, जनपद पंचायत के घोटाले आये दिन सुर्खियों में रहते है।

                  रोज नहीं आते इंजीनियर्स।

       जनपद पंचायत की 79 ग्राम पंचायतों को 8 सेक्टर्स में बांटा गया है और 8 उपयंत्रियों के हिस्सा में 8-से 10 पंचायतें है। इनमें अधिकांश इंजीनियर्स सप्ताह में एक या दो दिन ही मुख्यालय पर हाजरी लगाकर निर्माण कार्यों का भुक्तान माप पुस्तिका पर चढाने के ऐवज में मोटी रकम बसूल कर बाकी दिन जिला मुख्यालय पर ही आराम फरमाते हैं।

               संभागायुक्त ने मांगी जानकारी।

      जनपद पंचायत में पदस्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय से नदारद रहते है इसकी शिकायत संभागायुक्त सागर के पास पहुंची है। गंभीरता से लेते हुऐ उन्होनें गुरुवार को एक पत्र जारी कर, सीईओ से, मुख्यालय से गायब रहनें वाले अधिकारी और कर्मचारियों की सूची मांगी है। पत्र में उन्होनें उल्लेख किया कि, जनपद पंचायत में पदस्थ्य सहायक यंत्री और उपयंत्री के द्वारा मुख्यालय पर निवास नहीं किया जा रहा बल्कि, जिला या अन्य मुख्यालयों से अपडाउन किया जाता है। मुख्यकार्यपालन अधिकारी के नाम जारी पत्र के माध्यम से उन्होनें मुख्यालय पर रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के निवास का पता, नेम प्लेट इत्यादि की तस्वीर और मकान मालिक से किये गये अनुबंध की छाया प्रति सात दिवस के अंदर मांगी है।