//प्रशांत जैन 'पंकज'//
बक्सवाहा(छतरपुर)। मप्र पर्यटन विभाग के अंतर्गत आने वाले जैन तीर्थ नैनागिर में बुंदेलखंड के प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम नजर आता है जहाँ पर मंदिरो के मध्य कमल पुष्पो के साथ अपनी सुंदरता बिखरता
है. ये विश्व प्रसिद्ध स्थल है और इसके दर्शन करने एवं तालाब की सुंदरता देखने के लिए देश-विदेश से यात्री यहां पर आते है।
(पहले की फाइल फोटो)
लेकिन यहां प्रशासनिक परवरिश ना होने के कारण यह क्षेत्र अपनी दशकों चली आ रही पुरानी विरासत खोता चला जा रहा है, बुंदेलखंड की शान कहे जाने वाले नैनागिर का महावीर तालाब जो करीब 14 एकड़ के रकवे मैं फैला हुआ है लेकिन यहां पर बढ़ता अतिक्रमण और रख रखाव समाप्त होता जा रहा है।नैनागिरी के मंदिरो के मध्य मैं चंदेल कालीन तालाब स्थित है जिससे यहां की सुंदरता के साथ साथ जल स्तर और गर्मियों मैं पशुओं को पानी पीने के लिए बहुत बड़ा सहारा है।
इस तीर्थ क्षेत्र के समाजसेवियों और मंदिर कमेटी द्वारा कई बार शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई मगर शासन ने इस ओर अभी तक कोई ध्यान नही दिया है।
हालांकि कमेटी और समाजसेवियों ने आपने स्तर पर इसके बचाव के कई उपाय किये जिससे अभी तक इसका अस्तित्व बरकरार है,लेकिन अगर अब इस स्थल को प्रशासन ने आगे नही संजोया तो यह इतिहास भी विरासत के पन्नों से जल्दी ही खत्म हो जायेगा।


