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बुधवार, 17 जून 2020

साहब यह क्या? NH-39 बनते ही बिगड़ने लगा...निर्माण कार्य में बंदरबांट आ रहा सामने - बिना ग्रेडिंग और कम्पेंशन के आभाव में टूटने लगी सड़क।


//रमेश अग्रवाल//
ब्यूरो नेटवर्क पन्ना। वर्षों बाद शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 39 में निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार फर्म और अधिकारियों की मनमानी के चलते बेहतर सड़क की आस टूटती दिख रही है। पन्ना में हाइवे के मानकों को किनारे रखकर मनमाने ढ़ंग से सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते करोड़ों रूपये खर्च कर बनाई जा रही सड़क बनते ही टूटने लगी है। शहर के छंगेराजा पेट्रोल पम्प के सामने सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे साफ देखे जा सकते हैं, जबकि अभी यहां निर्माण कार्य प्रगति पर है। डमरीकरण का कार्य होने के बाद सड़क कई जगह से धंस चुकी है। जिसे सुधाने का काम जारी है।
सतना से बमीठा 97.600 मीटर की सड़क निर्माण में व्यापक स्तर पर अनियमित्ताएं देखी जा रहीं हैं। उक्त सड़क का निर्माण मैसर्स कांग कास्ट पाॅथ प्राईवेट लिमिटेड कोलकाता द्वारा कराया जा रहा है। कम्पनी ने निर्माण की जिम्मेदारी श्रीजी इंफाटेक्चर कम्पनी को दे रखी है। जिनकी देख-रेख में यहां मनमाने ढ़ंग से कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणाम भी अब दिखने लगे हैं। घटिया स्तर से कराए जा रहे निर्माण कार्य में ढेरों अनियमित्ताएं हैं। लेकिन कोई देखने वाला नहीं हैं। सड़क की गुणवत्ता की जांच करने और संपूर्ण कार्य का मुल्यांकन करने की जिम्मेदारी कंसलटेंट ऐजेंसी के पास है। लेकिन उक्त ऐजेंसी द्वारा ठेकेदार को मनमानी की पूरी छूट दी गई है। इसके अलावा नेषनल हाइवे विभाग के अधिकारियों को भी इस काम से शायद कोई सरोकार नहीं है। यही कारण है कि न तो कोई यहां जांच के लिए आता है, यहां तक कंसलटेंट ऐजेंसी के लोग भी कार्य स्थल पर नहीं मिलते। ऐसे में मनमाने ढंग से काम को खत्म करने की होड़ है, जिसका खामियाजा पन्ना के लोगों को भुगतना पड़ेगा। सालों बाद हो रहे निर्माण कार्य से लोगों को उम्मीद थी, कि अब उनकी राह आसान होगी, लेकिन निर्माण कार्य में हो रही मनमानी के चलते लोगों की उम्मीद टूटना तय है।

●  मानक अनुरूप नहीं हो रहा काम।

वैसे तो यह ईपीसी मूड का काम है। इस सड़क पर लोगों से टोल भी वसूला जायेगा। सड़क बनाने का खर्च कम्पनी करेगी और बाद में टोल से वूसली होगी। बावजूद इसके सड़क को मानक अनुरूप बनाना कम्पनी का दायित्व है। देष की सभी नेषनल हाइवे के निर्माण हेतु शासन द्वारा मानक तय किए गये हैं। पन्ना में बनाई जा रही सड़क इन मानकों के अनुरूप बिलकुल भी नहीं है। जानकारों की मानें तो सड़क के टूटने और बनते ही गड्डे होने का मुख्य कारण यह है कि निर्माण कार्य में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। सड़क के डब्लूएमएस स्तर के कार्य में न तो गिट्टी की सही ग्रेडिंग हुई और न ही उसे पेवर से बिछाया गया। पन्ना में कम्पनी के पास डब्लूएमएम का प्लांट तक नहीं है। जिसके चलते सीधे बिना ग्रेडिंग के ही सामग्री को के्रसर से लाकर बिछाया गया। उस पर सही कम्पेंक्षन भी नहीं हुआ। जिसके परिणाम स्परूप  सड़क बनते ही धंसने लगी है। इतना सब होने के बाद न तो जिले के जनप्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण सड़क से कोई सरोकार नजर आ रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी कुछ करने की स्थिति है। रसूकदार कम्पनी व ठेकेदार के आगे शायद किसी की नहीं चल रही। यही कारण है कि पन्ना में किसी तरह काम को पूरा करने की जल्दबाजी नजर आ रही है।