//रत्नेश जैन//
घुवारा(छतरपुर)। आदरणीय पं. रमेश चंद जी जैन (भौयरा) निवासी घुवारा का असामयिक आकस्मिक दु:खद देह परिवर्तन शांत परिणामों के साथ 12 मई 2023 शुक्रवार को होने की जानकारी से सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड की समाज व देश के विद्वतवर्ग तथा अनेक संगठन संस्था कमेटियों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा को सदगति की कामना की।
पंडित जी जैन तीर्थ द्रोणगिरि के प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान के 22 वर्षों से अनवरत प्राचार्य के पद पर रहकर अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करते हुए नैतिक शिक्षा, जैन दर्शन, विधि-विधान, वेदी प्रतिष्ठा, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा, प्रबंधन, ज्योतिष, वास्तु के शिक्षक के साथ ही अनेक प्रतिभाओं के धनी, सरल सहज मिलनसार व निर्लोभी विद्वान थे, जिन्होंने 1200 से भी अधिक छात्रों को धार्मिक संस्कारों के साथ प्रशिक्षित कर उन्हें स्वावलंबी बनाया, जो छात्र देश ही नहीं अपितु विदेश में भी अपनी सेवाएं देकर एवं प्रतिष्ठाओं का दायित्वों को निभाते हुए द्रोणगिरि का यशोगान कर रहे हैं।
आदरणीय पंडित जी हरवर्ष छात्रों को सम्मेद शिखर जी की वंदना करवाने ले जाते थे और जीवनभर बच्चों को पढाने, संस्कारित व स्वावलंबी बनाने की भावना समायी हुई थी। शताधिक विधान प्रतिष्ठाओं को विधि विधान से संपन्न कराने एवं द्रोणगिरि जैन तीर्थ के चहुंमुखी विकास के लिए समर्पित व्यक्तित्व अंतिम सांसों तक भगवान का स्मरण करते हुए शांत परिणामों के साथ इस पर्याय से बिदा हो गए।
आदरणीय पंडित जी शुरू से ही क्षेत्र के विकास व प्रबंधन संस्थान को ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही अन्य तीर्थों के संरक्षण संवर्धन तथा श्रमण संस्कृति के रक्षार्थ,साधु संतो की चर्याओं के पालनार्थ को लेकर समय-समय पर विदजनों से चर्चाएं होती रहती थी । पंडित जी का सभी के प्रति अत्यंत वात्सल्य स्नेह सहयोगात्मक अपनत्व रहा है , उनका मार्गदर्शन और सरलतम महान व्यक्तित्व सभी के हृदय पटल पर स्मृतियों मे बनें रहेगे।
पंडित जी के निधन से घुवारा ,द्रोणगिरि ही नहीं अपितु बुंदेलखंड और देश की जैन समाज को अपूरणीय क्षति हुई है, आपका व्यक्तित्व व कृतित्व निश्चित तौर से लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।
आपका तीर्थ, धर्मायतन, श्रमण संस्कृति, धर्म व नैतिक संस्कार के प्रति समर्पण के भाव निश्चित ही सद्गति प्रदान करेगी , ऐसी ही भावना द्रोणगिरि के बडेबाबा, गुरुदत्तादि भगवंतो से करते हुये भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई , ऐसे महान व्यक्तित्व को सादर कोटि-कोटि नमन व श्रद्धांजलि अर्पित करने बालों मे विद्वतवर्ग के बा. ब्र. पं.जयनिशांत जी टीकमगढ़, सनत कुमार विनोद कुमार रजवांस, पं.डा.सुनील संचय ललितपुर, पं.राजकुमार शास्त्री सागर,पं.अशोक बम्हौरी तथा न्यायमूर्ति श्रीमति विमला जैन भोपाल, जैन तीर्थ द्रोणगिरि के अध्यक्ष श्रेणिक मलैया व कपिल मलैया, मंत्री सुनील घुवारा व सनत कुटोरा एवं प्रमोद पाटनी , निर्मल वारव ,नरेन्द्र व्याजू , पूर्व मंत्री भागचन्द पीलीदुकान, प्रबंधन संस्थान के पं. देवेश बलेह प्राचार्य, गुरुदत्त उदासीन आश्रम के अध्यक्ष डा.नारायणदास फौजदार व संतोष घड़ी व मंत्री महेंद्र सिंघई व गजेंद्र मंडी , सिध्दायतन के अध्यक्ष विनोद देवडिया ,मंत्री प्रदुमन फौजदार एवं आलोक दाऊ, जैन तीर्थ नैनागिरि के अध्यक्ष सुरेश जैन आईएएस भोपाल व डा.पूर्णचंद, मंत्री राजेश रागी व देवेंद्र लुहारी एवं वीरेंद्र सिंघई ,सुकमाल गोल्डी,सुरेश हल्लू दाऊ ,सुखानंद , जैन तीर्थ आहार के अध्यक्ष महेंद्र बड़ागांव ,मंत्री राजकुमार पठा ,जैन तीर्थ नवागढ़ के मंत्री वीरचन्द्र नैकोरा, जैन तीर्थ खजुराहो के मंत्री राकेश जैन व पूर्व अध्यक्ष शिखर चंद अहिंसा, छतरपुर टाइम्स संपादक सनत जैन ,डॉ. सुमतिप्रकाश,नवनीत जैन पत्रकार छतरपुर,दिगम्वर तीर्थ क्षेत्र उत्तरांचल के मंत्री प्रवीण कुमार जैन सम्पादक विश्व परिवार झांसी, राजेन्द्र महावीर सनावद, पवन घुवारा, भागचंद सतपारा, संतोष सिद्धार्थ प्रेस बड़ा मलहरा, सुनील सुधाकर,एड.अरविन्द रवि, सागर ,पवन मैनेजर द्रोणगिरि आदि प्रमुख रुप से हैं।