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सोमवार, 23 अक्टूबर 2023

दलबदलू एवं पार्टी के साथ गद्ददारी करने वाले नेता को इस बार बड़ामलहरा में जनता सबक सिखाएगी!!

//बिन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। बड़ामलहरा विधानसभा सीट में इस बार अप्रत्याशित परिणाम आने की उम्मीद है। क्षेत्र की जनता से मिले सर्वे के अनुसार वर्ष 2018 में जनता ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्रघुम्र लोधी को पूर्ण बहुमत से जिताया था। परंतु वह कुछ समय कांग्रेस पार्टी छोडक़र भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछला उपचुनाव उन्होंने रामसिया भारती से लड़ा था और विजय प्राप्त कर ली थी परंतु इस बार बड़ामलहरा क्षेत्र की जनता इसका बदला इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी प्रघुम्र लोधी से लेने के मूड में है। यही कारण है कि रामसिया भारती को क्षेत्र में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। दोनों ही प्रत्याशी लोधी जाति के होने के कारण समाज के लोगों के वोटों को लेकर बंटवारा हो गया है। बड़ामलहरा विधानसभाा क्षेत्र में यादव मतदाताओं की संख्या भी बहुत अधिक है। इसके अलावा दलित वोटों की संख्या भी लगभग लोधी और यादव समाज के बराबर है। बड़ामलहरा क्षेत्र में जो बहुजन समाज पार्टी का वोट बैंक है वह इस बार डायवर्ट होकर कांग्रेस पार्टी में जा रहा है। प्रघुम्र लोधी का क्षेत्र में दल बदलू नेता और पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले नेता के रूप में लिया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता था उसने बड़ी मेहनत के साथ यह सीट वर्ष 2018 में निकाली थी। इसके पहले यह सीट उमा यादव के पास रही उसके बाद से इस क्षेत्र में कोई भी कांग्रेसी नेता विधायक नहीं चुन पाया। उमा भारती जो कि पूर्व मुख्यमंत्री थी उन्होंने यहां से चुनाव लडक़र भाजपा का गढ़ बनाया था। तभी से लगातार इस क्षेत्र में भाजपा जीतती रही। परंतु पिछले 2018 के चुनाव में भाजपा के गढ़ से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्रघुमन लोधी जीते थे। परंतु वह भी सत्ता के मोह में पार्टी छोडक़र चले गए। जिसके कारण जनता में अच्छी खासी नाराजगी चल रही है। बड़ामलहरा में स्थानीय एवं बाहरी प्रत्याशी का भी मामला चर्चा में चल रहा है। रामसिया भारती बड़ामलहरा क्षेत्र के घुवारा के पास के गांव की रहने वाली है जबकि प्रघुम्र लोधी दमोह क्षेत्र के रहने वाले हैं। परंतु वह यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। बाहरी होने के कारण इस बार क्षेत्र की जनता उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का हर संभव प्रयास कर रही है। वैसे भी पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बना हुआ है। देखना है कि आने वाले समय में क्षेत्र की जनता किसे जिताती है और किसे बाहर का रास्ता दिखाती है फिलहाल रामसिया भारती को यादव अनुसूचित जनजाति एवं लोधी समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जैन समाज भी बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र में अपना अलग महत्व रखती है। परंतु जब से कपूर चंद घुवारा का निधन हुआ है जब से जैन समाज का वोट भाजपा से हटकर कांग्रेस पार्टी की ओर झुक गया है। जैन समाज के अधिकांश लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

यह लेखक के निजी विचार हैं।