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बुधवार, 20 नवंबर 2024

CCTV डायल 100 के संयुक्त प्रयास से दो मुरझाए चेहरों पर आई मुस्कान....02 लोगों के बस में छूटे बैग पुलिस ने 05 घंटे मेहनत कर वापस करवाए।

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर। पुलिस कंट्रोल रूम में सागर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे छात्र कृपाल सिंह बुंदेला ने आकर उप निरीक्षक आर के एस चौहान को बताया कि मैं हर सिद्धि बस द्वारा कर्रापुर से सागर आ रहा था। बस से मेरा बैग कहीं चोरी हो गया है। इसमें मेरे पहली क्लास से लेकर अभी तक के सभी क्लास की मार्कशीट आधार कार्ड पैन कार्ड एवं जरूरी डॉक्यूमेंट है। कैसे भी करके मेरा बैग ढूंढवा दे प्लीज। कृपाल सिंह बहुत ही ज्यादा भावुक थे। पुलिस कंट्रोल रूम में उपस्थित सीसीटीवी इंजीनियर पुष्पराज को इस कार्य हेतु लगाया गया। शांति से पूरी बात कृपाल सिंह से सुनकर मकरोनिया चौराहे के कैमरे देखने पर पता लगा कि इनका बैग एक बुजुर्ग माताजी लेकर मकरोनिया चौराहे पर उतर गई है। जब आगे देखा तो माताजी एक अन्य बरकोटी बस में यह बैग लेकर चढ़ते हुए भी दिख गई। बस का नंबर पता किया, नंबर से मोबाइल नंबर पता किया जो मोबाइल नंबर मिला उनसे बरकोटी बस के कंडक्टर का नंबर मिला। कंडक्टर से जब पूछा तो वह ठीक से नहीं बता पाए पर पीछे से एक सवारी ने बताया कि यह माताजी नन्ही देवरी में उतरी है। कंट्रोल रूम से तुरंत डायल हंड्रेड गौरझामर को नन्हीं देवरी पता करने हेतु भेजा गया। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी डायल 100 स्टाफ को भेजकर पता लगाने हेतु बताया गया। लगभग 1 घंटे की मशक्कत के बाद माता जी का पता लग गया कि वह नन्हीदेवरी में किस घर में गई है। वहां जाने पर वह बैग और बैग में रखें सभी कागज सही सलामत मिल गए। माता जी ने बताया कि गलती से हम यह बैग ले आए। मेरा बैग कहीं छूट गया है। जिसमें मेरी जिंदगी भर की कमाई 8500  रुपए और एक धोती और ब्लाउज और चार बिही जो मैं अपने नातियों के खाने  लिए लेकर आ रही थी और रोने लगी। फोन पर ही माताजी को ढांढस बंधाया आपका भी  बैग ढूंढ देंगे, चिंता न करो। माता जी का बैग कहा है पता करने  हेतु हरसिद्धि बस का पता किया गया हरसिद्धि बस के कंडक्टर का नंबर लेकर जब उनको लगाया तो उन्होंने बताया कि हां 1 बैग तो बस में रखा है। संयोग से थाना प्रभारी गौरझामर हरिराम मानकर जनसुनवाई हेतु कंट्रोल रूम में ही उपस्थित थे। उनको बताया गया कि बस लौटकर सागर सिविल लाइन आने वाली हैं। थाना प्रभारी स्वयं सिविल लाइन चौराहे पर पहुंचे एवं कंडक्टर से बैग वापस लिया। जिसमें माताजी की एक धोती ब्लाउज एवं ब्लाउज के अंदर रखे आठ हजार पांच सौ रुपए एवं चार बिही मिल गए। माता जी को फोन करके बताया तो उनके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। इसके बाद माता जी को डायल हंड्रेड से गौरझामर थाना लाए एवं थाना प्रभारी गौरझामर के साथ में सागर से कृपाल सिंह बुंदेला को भी गौरझामर भेजा गया। दोनों के बैग़ थाना प्रभारी गौरझामर द्वारा वापस किए गए। दोनों ही लोग मुस्कुराते हुए कह रहे थे मेरे जिंदगी की जमा पूंजी मुझे वापस मिल गई। पुलिस का लाख-लाख धन्यवाद।

उपरोक्त कार्य में थाना प्रभारी गौरझामर हरिराम मानकर,पुलिस कंट्रोल रूम से उप निरीक्षक आर के एस चौहान, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक, सीसीटीवी इंजीनियर पुष्पराज सिंह, डायल 100 आरक्षक दीपेश, डायल 100 पायलट सतीश का अहम योगदान रहा।