- श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिवस ही पंडाल में उमडा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
//राजेश पाराशर//
नेटवर्क सागर। श्री सिद्ध क्षेत्र बालाजी श्री हनुमान मंदिर प्रागंण अंबेडकर वार्ड में राष्ट्रीय संत परमपूज्यनीय श्री इन्द्रेष जी महाराज द्वारा अमृतमयी वाणी से श्रीमद्भागवत कथा का परम सानिध्य सागरवासियों को प्राप्त हुआ है। जिसके आयोजक अनुश्री-शैलेन्द्र कुमार जैन, नगर विधायक सागर हैं। श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस नगर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन परिवार सहित अपने सिर पर श्रीमद्भागवत महापुराण रखकर आये फिर व्यास पीठ को प्रमाण किया। तत्पश्चात व्यास पीठ पर महाराज श्री विराजमान हुए महाराज श्री का श्रीमति अनुश्री जैन शैलेन्द्र कुमार जैन नगर विधायक, पुत्र सूर्यादित्य जैन, पुत्री नन्नी परी श्रीनिका जैन सहित परिवारजनों से तिलक लगाकर पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। प्रथम दिवस कथा में श्रीधाम वृंदावन से पधारे पूज्यनीय गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल जी (तिलकायत अधिकारी, ठा. श्री राधावल्लभ सम्प्रदाय, वृंदावन धाम) युवराज श्रीहित षोभित गोस्वामी जी (ठाकुर श्री राधावल्लभ जी, वृंदावनधाम) पधारे। उन्होंने कथाव्यास श्री इन्द्रेष जी महाराज का स्वागत किया।पूज्य श्री इन्द्रेष महाराज जी ने भी आगंतुक संतजनों का व्यासपीठ से पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर पूज्यनीय गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि श्रीधाम वृंदावन में चारों ओर सदैव प्रेम की नदी बहती है, उसी श्रीधाम वृंदावन से एक बादल कथा व्यास श्री इन्द्रेष जी के रुप में सागर में प्रेम की वर्षा करने पधारे हैं। इस श्रीधाम वृंदावन के मानसून में सागरवासियों का कर्तव्य है कि वह स्वयं को इस प्रेम और भक्ति की बारिष में तन एवं मन को भिगों कर प्रभु भक्ति एवं प्रेम रस को प्राप्त करें। श्रद्धेय श्री इन्द्रेष जी महाराज ने कहा कि अब आज से सात दिवस के लिए यह पावन धरा श्रीधाम वृंदावन ही है, हम सात दिवस में कोषिष करेंगे कि बुदेलखण्डी सीख जाये और आप सभी व्रज भाषा सीख जायें। श्री राधे जय जय गोपाल जय जय भजन से कथा की शुरुवात की पूरा पंडाल भक्तिभाव, तालियों के साथ गूंज उठा महाराज श्री ने कहा कि प्रथम दिन से ऐसा लग रहा है कि पांचवें दिन की कथा चल रही हो श्रीधाम वृंदावन, गोकुल सब यही आ गया हो, बहुत बडे सौभाग्य की बात कि पूरा संनातन धर्म पूरा देष प्रयागराज तीर्थ में स्नान कर रहा है, और इस शुभघडी में आज यहां भी सागर में कुंभ हो गया है। इस समय में वृंदावन ही है, और बालाजी का परिसर यह सिद्ध क्षेत्र है, भागवत कथा में लिखा है कि जब सुखदेव जी महाराज कथा सुना रहे थे। परिक्षित जी को कहा कि भागवत जी जहां होती है, वहां कुंभ ही है,कुंभ 12 वर्षाें में आता है पर श्रीमद्भागवत कथा जहां होती है वहां कुंभ ही है वह स्थान अपने आप ही तीर्थ बन जाता है अपने आप यह तिथि बन गई है कि बसंत पंचमी 2 तारीख को है और 2 तरीख को ही श्रीकृष्ण जन्म होगा और उसी दिन से व्रज में होली शुरु हो जाती है सागर वाले बच के रहना में भी गुलाल लिए रहूंगा, तीर्थ के राजा प्रयाग,तीर्थ के गुरु पुष्कर और तीर्थ के प्रधानमंत्री काषी-वनारस है ऐसा कोई तीर्थ नही जहां प्रयागराज न आते हो 12 वर्षाें सारे तीर्थ प्रयागराज आते है, श्री महाराज जी ने ठाकुर जी के तीन रुप बताये, सत्य,चैतन्य और आंनद, स्वरुप अनेक हो जाते है पर रुप तीन ही है सत्य दर्षन कौन-सा है भागवत कथा इस प्रांगण में सात दिन होगी वह सत्य स्वरुप है, दूसरा स्वरुप चैतन्य ठाकुर जी को हम और आप रोज नही देख सकते पर आपके प्रति जीवन समर्पित करने वाले वैष्णव भक्त विद्वान लोग दर्शन से हमें लगता है कि ठाकुर जी के सेवक के दर्शन हो गये। आनंद क्या है आप कथा में एक-एक बात सुनकर सब कुछ भूलकर जो हम आनंद ले रहे है यही आनंद है, आंनद में समय का पता नहीं चलता आनंद की अनुभूति से तन का पता नहीं रहता, महाराज श्री ने कहा कि भक्ति के दो पुत्र है ज्ञान एवं बैराग्य ज्ञान का मतलब बहुत पता होने नही जो निर्णयाक हो और जो सत्यसंग करता है वो निर्णयाक हो पाता है भारत की पायलामेंट में कथा होती चाहिए क्योंकि जहां सत्यसंग होगा वही निर्णय ले पायेंगा, रावण के पास सब कुछ था पर निर्णय सही नही कर पाया जिससे सब चला गया बैराग्य क्या बैराग्य कोई वस्तु नहीं एकादषी का वृत तो सभी करते पर 24 घंटे रोटी की सोचते है, इच्छा का त्याग ही बैराग्य है, पूज्य कथाव्यास श्री इन्द्रेष उपाध्याय जी ने मुख्य यजमान श्रीमति अनुश्री जैन की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्रीमति अनुश्री जैन निरंतर ही समाज सेवा के साथ-साथ धर्म एवं भक्ति मार्ग पर निरंतर आगे बड रही है साथ ही समूचे परिवार को भी भक्ति के मार्ग पर ले जा रही है, श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिसव में पूज्य धनष्याम दास जी महाराज (रामबाग मंदिर) सुनील देव, पूर्व कलेक्टर अरुण भट्ट, सेवा निवृत्त पीसीसीएफ यू.के. सुबुद्धी, निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सीसीएफ वन संरक्षक सागर ए.के.सिंह, रक्षा वन मडंल डीएफओ महेन्द्र सिंह, श्रीमति रितु श्याम तिवारी जिलाध्यक्ष भाजपा, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, डॉ. वीरेन्द्र पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया, जगन्नाथ गुरैया, शिव शंकर मिश्रा, विनोद उपाध्याय, आनंद मिश्रा, अनिल दुबे सहित बडी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।