बेकार बिजली समस्या से प्रदेश सरकार को बड़ा नुकसान।
ब्यूरो छतरपुर। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद से ही प्रदेश में बिजली और सरकार का गठजोड़ बिल्कुल विपरीत देखा जा रहा है। हांलाकि प्रदेश सरकार बिजली की समुचित व्यवस्था करने के भरशक प्रयास में भले ही लगी हो मगर विभागीय अधिकारीयों की मनमानी तथा कुछ लापरवाह तत्वों के कारनामों के चलते बिजली व्यवस्था लगातार दम तोड़ती हुई नजर आती है।
हालात जिला मुख्यालय छतरपुर सहित जनपद क्षेत्र बकस्वाहा में भी बेकार है यहां पर मामूली सी वारिश होने पर विद्युत ऊर्जा प्रदान करनें वाले सभी वादों की पोल खुल जाती है, तो वही आस-पास के कुछ ग्रामों में आज भी बिजली से ज्यादा भरोसा मोमबत्ती,लालटेन पर किया जाता है|
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बकस्वाहा का विद्युत केन्द्र महज १८ किमी की दूरी पर स्थित दमोह जिले के बटियागढ़ में नीमा तिराहा पर स्थित है जिस बीच के रास्ते मे छोटी पोल केवल होने के कारण परेशानी यह है कि मामूली सी बरसात होने के पश्चात भी किसी खराबी के कारण पूरे बकस्वाहा क्षेत्र के अलावा आसपास की बिजली चौपट हो जाती है।
क्षेत्र में बड़ी देर तक बिजली का ना होना अब मामूली सी बात हो गई है इस संबंध में पिछले दिनों क्षेत्रीय विधायक प्रद्युमन सिंह के समक्ष जब बुंदेलखंड प्रजेंट न्यूज ने बात रखी थी तो महज आस्वासन ही मिला था लेकिन अब तक असर कुछ नही हुआ।
तो वही बकस्वाहा स्थित बिजली दफ्तर की बात करें तो यहां पर हमेशा अफसर शाही का अलम देखा जाता है यहां पर लाईट सुधारने के लिए बैठे लाईनमेन अपने मनचाहे ढंग के अनुसार खराबी सुधारते है वाकी इसके अलावा इन पर शिकायतों व अफसरों का कोई असर दिखाई नही देता है।
अत: यह तो स्पष्ट है कि इन दिनों बिजली विभाग की संम्पूर्ण व्यवस्थायें लचर पड़ी हुई है एक ओर विभाग में अफसर शाही का आलम है तो वही दूसरी ओर बेकार तकनीकी खराबी है जिससे कहना सामान्य सी बात है कि परेशानी झेल रही जनता कही ना कही प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है तो वही विरोधीयों को भी अपना विरोध कायम करने के लिए सुअवसर मिलता है।