//रत्नेश रागी,रूपेश जैन अनिल जैन की संयुक्त रिपोर्ट//
बक्सवाहा(छतरपुर)। बक्सवाहा ब्लॉक के प्रस्तावित विभाजन को लेकर क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों में अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्योंकि इस विभाजन के बाद लोगों को राजस्व संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए अन्य जिलों का रुख करना पड़ेगा, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ेंगी। वहीं बक्सवाहा ब्लॉक से जुड़े धार्मिक स्थल और बहुमूल्य हीरा खदानों का अन्य जिलों में स्थानांतरण क्षेत्र की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को नुकसान पहुंचा सकता है।
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि विभाजन से दस्तावेजों के नवीनीकरण में करोड़ों रुपये खर्च होंगे, जो आम जनता के लिए आर्थिक बोझ का कारण बनेगा। लोगों का यह भी मानना है कि बक्सवाहा को विभाजित करने के बजाय इसे जिला घोषित करना ही एकमात्र समाधान है, जिससे क्षेत्र की जनता को संतोष मिलेगा और विकास का रास्ता प्रशस्त होगा।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय प्रतिनिधि, सर्वदलीय नेता और आम जनता एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बक्सवाहा ब्लॉक की अस्मिता को बचाने के लिए वे सड़कों पर उतरने और हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि बक्सवाहा ब्लॉक का विभाजन रोककर इसे जिला बनाया जाए, ताकि क्षेत्र की एकता और विकास सुनिश्चित हो सके। यह आंदोलन बक्सवाहा की पहचान और अधिकारों को बचाने का प्रयास है।
तहसीलदार के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
बक्सवाहा तहसीलदार भारत पांडे के माध्यम से नगर के प्रबुद्धजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम गुरुवार को ज्ञापन सौंपकर बक्सवाहा को जिला बनाने की मांग की है। ज्ञापन के हवाले से करीब 11 बिंदु ऐसे बतलाए गए हैं. जिनको ध्यान में रखकर बक्सवाहा को जिला बनाया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि आने वाले दिनों में यह मांग और भी तीव्र रूप धारण कर सकती है।

