नेटवर्क पन्ना। कोरोना संक्रमण के चलते लाॅक डाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की कठिनाईयों को दृष्टिगत रखते हुए शासन प्रशासन द्वारा श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुंचाने का प्रयास शुरू किए गए। बाहर फंसे श्रमिकों की मदद के लिये कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। जहां श्रमिकों की समस्या की सूचना पर प्रशासन द्वारा सहायता की जा रही है। सोशल मीडिया में बीते समय की समस्या की खबरे वायरल होने पर कुछ श्रमिक भ्रमित और भयभीत देखे जा रहे थे। जिसे दूर करने एवं लोगों में राष्ट्र निर्माता श्रमिकों एवं अन्य लोगों को श्रमिकों की अहमियत का एहसास और सम्मान की भवना जगाने के लिए प्रभावी पहल की गयी। श्रमिकों के जिला मुख्यालय पर पहुंचने पर उनका पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। हेल्पलाइन नंबरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाईल नंबरों पर संपर्क कर मदद मागने वाले राजस्थान अजमेर में फंसे पन्ना जिले के पवई, अमानगंज और गुनौर के 527 प्रवासी श्रमिकों को जिला प्रशासन द्वारा अजमेर की पत्रकार काॅलोनी से 10 बसों के माध्यम से सुक्षित तरीके से 17 मई 2020 को शाम लगभग 7ः00 बजे पन्ना लाया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रवासी श्रमिकों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया, अपने स्वागत और सत्कार को देख कर थके हारे श्रमिक कुछ देर के लिये अपनी सारी परेशानी भूल गए। सुरक्षित घर पहुंचाने के लिये जिला प्रशासन का धन्यबाद दिया। इस अवसर पर पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा, पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी, नजूल तहसीलदार ममता शर्मा, आर.के. सतनामी प्रभारी आदिम जाति कल्याण विभाग, पन्ना टीआई हरि सिंह ठाकुर, पन्ना आर.आई. जे.पी. रावत, पन्ना पटवारी सत्येंद्र शुक्ला सहित पन्ना तहसील के समस्त तहसीलदार एवं स्वास्थ विभाग व पुलिस विभाग के कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। सभी प्रवासी श्रमिकों को स्क्रीनिंग और भोजन उपरांत होम काॅरंटाईन की सलाह देकर बसों से उनके गांव भेज दिया गया है। पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी ने बताया कि लगातार श्रमिकों की समस्या की खबरें सोशल मीडिया में देख कर संकट में फंसे प्रवासी श्रमिकों के मन में हीन भावना पैदा ना हो और अन्य लोगों के मन में भी श्रमिकों के सम्मान की भावना जगा कर उन्हें इस बात का एहसास कराया जा सके कि श्रमिक ही राष्ट्र निर्माता है।
नेटवर्क पन्ना। कोरोना संक्रमण के चलते लाॅक डाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की कठिनाईयों को दृष्टिगत रखते हुए शासन प्रशासन द्वारा श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुंचाने का प्रयास शुरू किए गए। बाहर फंसे श्रमिकों की मदद के लिये कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। जहां श्रमिकों की समस्या की सूचना पर प्रशासन द्वारा सहायता की जा रही है। सोशल मीडिया में बीते समय की समस्या की खबरे वायरल होने पर कुछ श्रमिक भ्रमित और भयभीत देखे जा रहे थे। जिसे दूर करने एवं लोगों में राष्ट्र निर्माता श्रमिकों एवं अन्य लोगों को श्रमिकों की अहमियत का एहसास और सम्मान की भवना जगाने के लिए प्रभावी पहल की गयी। श्रमिकों के जिला मुख्यालय पर पहुंचने पर उनका पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। हेल्पलाइन नंबरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाईल नंबरों पर संपर्क कर मदद मागने वाले राजस्थान अजमेर में फंसे पन्ना जिले के पवई, अमानगंज और गुनौर के 527 प्रवासी श्रमिकों को जिला प्रशासन द्वारा अजमेर की पत्रकार काॅलोनी से 10 बसों के माध्यम से सुक्षित तरीके से 17 मई 2020 को शाम लगभग 7ः00 बजे पन्ना लाया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रवासी श्रमिकों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया, अपने स्वागत और सत्कार को देख कर थके हारे श्रमिक कुछ देर के लिये अपनी सारी परेशानी भूल गए। सुरक्षित घर पहुंचाने के लिये जिला प्रशासन का धन्यबाद दिया। इस अवसर पर पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा, पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी, नजूल तहसीलदार ममता शर्मा, आर.के. सतनामी प्रभारी आदिम जाति कल्याण विभाग, पन्ना टीआई हरि सिंह ठाकुर, पन्ना आर.आई. जे.पी. रावत, पन्ना पटवारी सत्येंद्र शुक्ला सहित पन्ना तहसील के समस्त तहसीलदार एवं स्वास्थ विभाग व पुलिस विभाग के कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। सभी प्रवासी श्रमिकों को स्क्रीनिंग और भोजन उपरांत होम काॅरंटाईन की सलाह देकर बसों से उनके गांव भेज दिया गया है। पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी ने बताया कि लगातार श्रमिकों की समस्या की खबरें सोशल मीडिया में देख कर संकट में फंसे प्रवासी श्रमिकों के मन में हीन भावना पैदा ना हो और अन्य लोगों के मन में भी श्रमिकों के सम्मान की भावना जगा कर उन्हें इस बात का एहसास कराया जा सके कि श्रमिक ही राष्ट्र निर्माता है।