//विवेक भास्कर//
नेटवर्क निवाड़ी। कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय निवाड़ी में डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस मैनेजमेण्टग्रुप निवाड़ी की पाॅचवीं बैठक आयोजित की गई ।
बैठक में सांसद डाॅ. वीरेन्द्र कुमार, विधायक निवाड़ी श्री अनिल जैन, पुलिस अधीक्षक श्री एमके श्रीवास्तव, एसडीएम निवाड़ी सुश्री बंदना राजपूत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
● बैठक में निम्नानुसार चर्चा हुई एवं निर्णय लिया गया।
बैठक मे भारत सरकार के निर्देशों पर चर्चा की गई। इस दौरान लाॅकडाउन से छूट तैयारी के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जाने के संबध में चर्चा की गई। जिले की सीमा कई जगह दूसरे जिलों से लगी होने और बगल के जिले में कोरोना पाॅजीटिव केस निकलने के दृष्टिगत जिले के संसाधन देखते हुए व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।बैठक में सुझाव दिये गये कि होटल, रेस्टोरेण्ट, हेयर कटिंग सैलून, पकाकर खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेले, पान, गुटखा के दुकान, चाय दुकान पूर्णतः बंद रखा जाये। चॅूकि जिले की सीमा कई स्थानों पर उत्तर प्रदेश से लगती है आसपास के जिलों में लोक परिवहन बंद है अतः दिनांक 17 मई 2020 तक लोक परिवहन बंद रखा जाये।
किराना दुकान, जनरल स्टोर, सब्जी, फल, दूध की दुकान, बेकरी, बारदाना, पशु आहार की दुकान, पैकेजिंग की दुकान प्रतिदिन सुबह 09.00 बजे से शाम 05.00 बजे तक खोला जाये, इसके अलावा सीमेण्ट लोहा, हार्डवेयर, बर्तन, कपड़े की दुकान, खाद, बीज, कीटनाशक, ज्वैलर्स शाॅप, फर्नीचर शाॅप, स्टूडियो, चश्मा, मोबाईल रिपेयर एवं रिचार्ज शाॅप, फुटवियर की दुकानें भी सुबह 09.00 बजे से शाम 05.00 तक खोले जायें।
इलेक्ट्रीकल पंखें एवं इलेक्ट्रीकल पार्ट की दुकानें एवं स्व नियोजित व्यक्ति जैसे- इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, बढई, मोटर मैकेनिक, टेलर आदि प्रतिदिन प्रातः 09.00 बजे से शाम 05ः00 बजे तक खोले जायें। रोजगार देने के दृष्टिकोण से खनन संक्रियाएं शुरू की जाये। सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाईजेशन का पालन करते हुए रोजगार देने के उद्देश्य से रोजगार गारण्टी के कार्य एवं अन्य कार्य प्रारंभ किये जाये। शासकीय विभाग के कार्य भी चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ किया जाये। साथ ही 17 मई 2020 तक सभी साप्ताहिक बाजार बंद रखा जाये। सब्जी बाजार आगे से स्कूल नंबर 2 के ग्राउण्ड में ही लगाने का निर्णय लिया गया और इस हेतु अभी से तैयारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में चाय, पान, होटल, रेस्टोरेण्ट, चाट अण्डे आदि के ठेले, फास्टफूड के ठेले, आइसक्रीम के ठेले एवं फुटपाथ पर काम करने वाले अन्य कार्य किस प्रकार से आगे खोले जाना है इस पर शीघ्रता से विचार करने का निर्णय लिया जाये ताकि इनको शीघ्रता से राहत दिया जा सके। इन लोगों को तत्कालिक जो भी मदद हो सके वह करने का निर्णय लिया गया। दुकानों/प्रतिष्ठानों में आने वाले ग्राहकों को हाथ सेनेटाईज कराने के बाद ही ग्लब्स पहनकर ही दुकानदार सामान दें, यह निर्णय लिया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि बिना मास्क के दुकान आने वाले ग्राहकों को मास्क पहनकर आने हेतु दुकानदार द्वारा वापस किया जाये।
समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया कि पिछले दो दिनों में निवाड़ी, पृथ्वीपुर, ओरछा में कोरोना से बचाव एवं मार्केट खोलने आदि के संबंध में एसडीएम/एसडीओपी द्वारा बैठक ली जा चुकी है। इस पर यह निर्णय लिया गया कि सब्जी, फल, ठेला, सैलून, आॅटो, फुटपाथ, लाउण्ड्री आदि के प्रतिनिधियों के साथ अगले 3 दिनों में एसडीएम द्वारा बैठक कर इन्हें आगे प्रारम्भ करने की दिशा तय की जाये। उत्तरप्रदेेश से जहाॅ-जहाॅ बाॅर्डर लगता है वहाॅ सख्ती से जांच का निर्णय लिया गया। एनएसएस, एनसीसी और नगर सुरक्षा समिति का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का निर्णय लिया गया। बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों को स्क्रीनिंग कराने और होम क्वारंटाइन कराने तथा सचिव, सहायक सचिव के माध्यम से सतत् निगरानी करने का निर्णय लिया गया। जब लोक परिवहन जैसे- आॅटो, बस, टैक्सी चलेगी तो सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सवारी कम बैठाया जायेगा। अतः आरटीओ, टीकमगढ़ सभी संबंधित पक्ष के साथ बैठकर किराया, सवारी की संख्या आदि तय करने पर विचार करेंगे। शहरी क्षेत्र में जहाॅ मजदूर कार्यस्थल पर ही रहते हैं वहाॅ न्यूनतम मजदूरों एवं न्यूनतम वाहन से उद्योग, निर्माण कार्य प्रारंभ किये जायें, परंतु कार्य प्रारंभ कराने से पहले तैयारियों का सत्यापन करा लिया जाये। भीड़ की संभावना वाले सारे कार्यक्रम/आयोजन/गतिविधि स्थगित रहेंगे, जैसे, सामाजिक/धार्मिक/व्यवसायिक आयोजन पर प्रतिबंध पूर्ववत् रहेंगे। साप्ताहिक बाजार बंद रहेंगे एवं बाॅर्डर सील रहेगी।
जिले की स्थिति यह है कि 2 नेशनल हाईवे जिले से गुजरते हैं, कई जगह उत्तरप्रदेश की सीमा लगती है एवं आसपास के जिलों में कोरोना के पाॅजिटिव केसेस हैं। बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों से लोग आकर रूक रहे हैं एवं इस जिले से होकर गुजर रहे हैं तथा नवगठित जिला होने के कारण संसाधनों की भी कमी है। बड़ी संख्या में बाहर से आ रहे लोगों को होम क्वारंटाइन में रखकर निगरानी मुश्किल है और यदि बड़ी संख्या में इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में लोगों को रखा जाता है तो वह संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी नहीं होगा। जिले में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यटन एवं धार्मिक स्थल हैं यदि लाॅकडाउन में अचानक छूट दिया जाता है तो इन स्थलों पर काफी भीड़ होना संभावित है। वर्णित स्थिति के दृष्टिगत उचित प्रतीत होता है कि अगले एक सप्ताह तक कई प्रतिबंधों को जारी रखा जाये और उसके बाद कलेक्टर द्वारा वस्तुस्थिति का आंकलन करते हुए आगे का निर्णय लिया जाये। ऐसा किये जाने से सिस्टम के सीमित ऊर्जा का उपयोग रोजगार देने, बाहर से आये लोगों को सहायता करने और आर्थिक गतिविधियों को तेज करने में ज्यादा बेहतर तरीके से किया जायेगा।
उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्था के संबंध में आदेश 8 अप्रैल 2020 जारी किया गया है। उसके अनुसार सतत् निगरानी की जाये जिससे किसानों को भी सुविधा हो और सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाईजेशन के निर्देशों का पालन हो सके। उपार्जन केन्द्रों पर आगामी दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है। इस हेतु एक दल का गठन किया गया है जो एस.एम.एस प्राप्त होने वाले किसानों से मोबाइल पर बात कर उपार्जन केंद्र में उपस्थित होने के सम्बन्ध में पूर्व सूचना दे रहे हैं। उपार्जन केन्द्रों पर भीड़ की संभावना देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाईजेशन एवं पीने के पानी की व्यवस्था की जावे तथा उपार्जन केन्द्रों पर उपयोग होने वाले वाहनों को समय-समय पर सेनेटाइज किया जाये। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा बानगी के आधार पर किसानों के उपज के सैंपल लेकर घर से खरीदी करते समय सोसल डिस्टेंसिंग का पालन किया जावे एवं खरीदी दिनांक को न्यूनतम आवश्यक राशि किसान को नगद देकर शेष राशि का भुगतान किसान के खाते में किया जावे जिससे नकदी के कारण होने वाले संक्रमण को रोका जा सकेगा। सीएससी सेण्टर, एमपी आॅनलाईन, क्यिोस्क में बिजली बिल जमा करने और अन्य महत्वूर्ण जन सेवाओं का कार्य होता है इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाईजेशन का पालन कराते हुए खोला जाये। रमजान बावत् निवाड़ी, पृथ्वीपुर दोनों जगह बैठक किया जाकर निर्णय हो चुका है कि सभी लोग अपने-अपने घर पर ही बैठकर नमाज पढ़ें।
मेडिकल स्क्रीनिंग:- अवगत कराया गया कि मेडिकल परीक्षण बीएलओ, ए.एन.एम., एम.पी.डब्ल्यू., आंगनबाड़ी/आशा कार्यकर्ता द्वारा जिले में प्रत्येक गाँव में बाहर से आये व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है, जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण की स्क्रीनिग पूर्ण हो चुकी है एवं तृत्तीय चरण की स्क्रीनिंग चल रही है।
क्वारंटाइन सेंटर:- क्वारंटाइन सेंटर पर आगामी व्यवस्था हेतु इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन कक्ष में यथासंभव 2 व्यक्ति रखे जावें तथा उपलब्ध शौचालय, स्नानघर के आधार पर ही इन स्थानों पर रूकने की संख्या तय की जावे। अधिकांष लोगों को होम क्वारंटाइन किया जाये।
क्वारंटाइन सेंटर पर नाश्ता, भोजन व्यवस्था का ध्यान रखा जाये। मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना के अंतर्गत लगभग 1300 पात्र हितग्राहियों के खातों में एक-एक हजार रूपये ट्रांसफर किये गये। मेडिकल परीक्षण दल गाँवों में जाकर मेडिकल परीक्षण के दौरान हाई रिस्क मरीजों (जो पूर्व से किसी बीमारी जैसे- सुगर, बीपी, दिल की बीमारी, टीबी आदि से ग्रसित हों या किसी संदिग्ध के नजदीकी संपर्क में आये हों) का डाटा संधारित रखें एवं अगली बार जब उस गाँव में जाएँ तो उनका परीक्षण करते रहें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि अब तक लगभग 14000 लोग बाहर से लौटे हैं जिनकी तृतीय चरण का स्क्रीनिंग चल रहा है।
सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि 2000 क्विंटल गरीब, बेसहारा व्यक्तियों को वितरण हेतु आवंटन मिला था उसमें से लगभग 1444 क्विंटल का वितरण हो चुका है और 3 माह के अग्रिम अनाज का लगभग 93 प्रतिशत वितरण हो गया है। एलपीजी गैस सिलेण्डर घर पहुँचाया जा रहा है। उज्जवला के लगभग 42000 हितग्राहियों में से लगभग 14332 को निःशुल्क गैस मिल चुका है। इसके अलावा जो 24 केटेगरी के 3367 परिवार हैं उनमें से 3285 हितग्राहियों को गेहॅू/चावल वितरण हो गया है एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में 33400 क्विंटल आवंटन आदेश 02 माह का मिला और चावल 1500 मी. टन आवंटन प्राप्त हुआ जिसका वितरण प्रारंभ हो चुका है। उनको यह बताया गया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी इसके बारे में बताया जाये और जानकारी राशन वितरण की दुकानों पर चस्पा किया जाये।
लीड बैंक के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि शाखाओं में घेरे में ग्राहक को खड़ा किया जा रहा है एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। पेंशनरों की पेंशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की राशि ग्रामीण क्षेत्रों में कियोस्क/बैंक बीसी के माध्यम से पहुंचाई जा रही है। आयुष विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवाइयों को यथासंभव पूरे जिले भर को उपलब्ध कराई जाने संबंधी प्रस्ताव रखा गया। शासकीय कार्यालयों को अधिकारियों/कर्मचारियों के कम संख्या के साथ खोलने की सहमति बनी। इस पर निर्णय लिया गया कि एक तिहाई स्टाफ के साथ कार्यालय खोले जायेंगे।