//रमेश अग्रवाल//
नेटवर्क पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के पन्ना कोर परिक्षेत्र के बीट महुआमोड़ कक्ष क्रमांक पी 1345 में तालगांव से महुआमोड़ वनमार्ग के बगल से दिनांक 27 जून 2020 को शाम 6 बजे बाघिन पी 213 के रेडियो कॉलर की पल्स 120 होने पर बाघ अनुश्रवण दल द्वारा बाघिन को शोरगुल कर उठाने का प्रयास किया गया। बाघिन में कोई मूवमेंट न होने पर सुबह से हांथीयों द्वारा सर्चिंग किया गया।
मोके पर बाघिन पी 213 का शव पाया गया। मोके पर तहकीकात करने पर बाघिन के शव को घसीटने के निशान पाए गए। उन निशानों का पीछा करने पर एक स्थान पर बाघों के आपसी मुठभेड़ के चिन्ह पाए गए। जिससे प्रतीत होता है कि बाघिन की मृत्यु आपसी लड़ाई में हुई है। अन्य बाघ द्वारा बाघिन को आपसी मुठभेड़ के स्थान से 320 से 25 मीटर दूर घसीटने के निशान पाए गए। मृत बाघिन का पोस्टमार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ संजीव कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। तथा सेम्पल एकत्रित किये गए। मोके पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि के रूप में इंद्रभान सिंह बुंदेला,जिला समन्वयक लास्ट वाईल्डनेस फाउंडेशन एवं सुप्रतिम दत्त वैज्ञानिक will उपस्थित रहे। मृत बाघिन का पोस्टमार्टम उपरांत क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व उपसंचालक पन्ना टाइगर रिजर्व वन्यप्राणी चिकित्सक सहायक संचालक पन्ना एवं इंद्रभान सिंह बुंदेला प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं अन्य अधिकारी व स्टाफ की उपस्थिति में बाघ शावक का दाह संस्कार किया गया। मृत्यु का कारण प्राकृतिक होना पाया। किंतु virology एवं toricology हेतु सेम्पल भेजे जा रहे हैं सेम्पल के जांच रिपोर्ट पश्चात और स्थिति स्पष्ठ होगी।
नेटवर्क पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के पन्ना कोर परिक्षेत्र के बीट महुआमोड़ कक्ष क्रमांक पी 1345 में तालगांव से महुआमोड़ वनमार्ग के बगल से दिनांक 27 जून 2020 को शाम 6 बजे बाघिन पी 213 के रेडियो कॉलर की पल्स 120 होने पर बाघ अनुश्रवण दल द्वारा बाघिन को शोरगुल कर उठाने का प्रयास किया गया। बाघिन में कोई मूवमेंट न होने पर सुबह से हांथीयों द्वारा सर्चिंग किया गया।
मोके पर बाघिन पी 213 का शव पाया गया। मोके पर तहकीकात करने पर बाघिन के शव को घसीटने के निशान पाए गए। उन निशानों का पीछा करने पर एक स्थान पर बाघों के आपसी मुठभेड़ के चिन्ह पाए गए। जिससे प्रतीत होता है कि बाघिन की मृत्यु आपसी लड़ाई में हुई है। अन्य बाघ द्वारा बाघिन को आपसी मुठभेड़ के स्थान से 320 से 25 मीटर दूर घसीटने के निशान पाए गए। मृत बाघिन का पोस्टमार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ संजीव कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। तथा सेम्पल एकत्रित किये गए। मोके पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि के रूप में इंद्रभान सिंह बुंदेला,जिला समन्वयक लास्ट वाईल्डनेस फाउंडेशन एवं सुप्रतिम दत्त वैज्ञानिक will उपस्थित रहे। मृत बाघिन का पोस्टमार्टम उपरांत क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व उपसंचालक पन्ना टाइगर रिजर्व वन्यप्राणी चिकित्सक सहायक संचालक पन्ना एवं इंद्रभान सिंह बुंदेला प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं अन्य अधिकारी व स्टाफ की उपस्थिति में बाघ शावक का दाह संस्कार किया गया। मृत्यु का कारण प्राकृतिक होना पाया। किंतु virology एवं toricology हेतु सेम्पल भेजे जा रहे हैं सेम्पल के जांच रिपोर्ट पश्चात और स्थिति स्पष्ठ होगी।

