//रमेश अग्रवाल//
नेटवर्क पन्ना। कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान उन्होंने जिले से कुपोषण दूर करने के लिए चलाए गए संजीवनी अभियान पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कोरोना काल की संकटापन्न स्थिति में भी महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। जिससे जिले में कुपोषण का स्तर नही बढा। इसके लिए उन्होंने विभाग के मैदानी अमले के साथ आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को बधाई दी।
बैठक में बताया गया कि कोरोना काल में आंगनवाडी केन्द्रों में बच्चों के न आने पर उन्हें स्व-सहायता समूहों से पोषण आहार तैयार कर नियमित रूप से वितरित किया गया। जिससे बच्चों के पोषण का स्तर बना रहा। इसी प्रकार किशोरी, गर्भवती, धात्री महिलाओं को भी कुपोषण से बचाने के लिए कोरोना काल में निरंतर पोषण आहार एवं औषधियों का वितरण किया गया।
कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान में जिले में प्रवासी परिवारों का आना हुआ है उन परिवारों के बच्चों, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक पोषण आहार एवं दवाएं उपलब्ध कराएं। अतिकुपोषित पाए जाने वाले शत प्रतिशत बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्रों में भर्ती कराकर कुपोषण से मुक्ति दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग ईमानदारी से यर्थात के धरातल पर कार्य करेंगे आगामी आने वाले समय में जिले से कुपोषण के कलंक को समाप्त किया जा सकेगा। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ संबंधित हितग्राहियों को मिलना चाहिए।
जिले में आए प्रवासी परिवारों में बहुत से परिवारों की महिलाएं एवं बच्चे पहले से ही दर्ज होंगे। एक बार उन सभी परिवारों से सम्पर्क कर जानकारी हासिल की जाए। जिससे उन परिवारों के कुपोषित बच्चों, किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं की जानकारी मिलने के साथ मातृत्व वंदना एवं लाडली लक्ष्मी योजना के हितग्राही निकलकर सामने आएंगे। उन सभी को लाभान्वित करने की कार्यवाही इसी सप्ताह पूरी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के साथ किशोरी बालिकाओं एवं माताओं के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए। जिससे स्वस्थ बच्चे जन्म लें।
बैठक में सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों पर परियोजनावार चर्चा की गयी। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शीघ्र लंबित शिकायतों का निराकरण किया जाए। बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी श्री उदल सिंह, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास श्री अरूण प्रताप सिंह निरंजन के साथ सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर उपस्थित रहे।