//राहुल जैन(9179492819)//
बक्सवाहा(छतरपुर)। विगत लंबे समय से बक्सवाहा वन परीक्षेत्र लगातार विवादों में चला आ रहा है,तो वही बक्सवाहा वन विभाग के रेंजर की पदस्थापना भी सवालों के घेरे में नजर आ रही है बता दें कि रेंजर का तबादला शासन द्वारा पन्ना नेशनल पार्क में कर दिया गया था जिसके फलस्वरूप रेंजर कोर्ट से स्टे लेकर काफी समय से यहीं पर जमे हुए हैं, इन पर क्षेत्र के लोगों ने कई बार लापरवाह पूर्ण कार्य करने और लेन-देन के मामले मैं आरोपियों को छोड़ने के आरोप भी सामने आए है।
तो इसके अलावा रेंजर सुरेश सचान के मामले पर हाई कोर्ट ने उच्च अधिकारियों को 28 दिनों में मामले में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था लेकिन 6 माह गुजरने के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
● यह है पूरा मामला।
जानकारी के अनुसार सुरेश सचान पहले बिजावर वन परिक्षेत्र में रेंजर थे इसके बाद उनका बक्सवाहा में 5 जुलाई 2019 को स्थानांतरण किया गया इसके पश्चात उनके समय में चीतल का शिकार सहित कई मामलों में रुपए के लेन-देन का आरोप सामने आये है लेकिन जिले के अधिकारियों द्वारा यह मामले संतुष्टजनक रूप से संज्ञान में नहीं लिए गए।तथा इसके बाद अक्टूबर 2019 में मुखबिर की सूचना पर रेंजर सुरेश सचान एवं उनके अमले के द्वारा क्षेत्र के गढोही में 8 किलो जंगली सुअर मांस के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था हालांकि मामले में बाकी लिप्त आरोपियों से रुपयों का लेनदेन कर उन्हें छोड़ दिया गया था इस मामले में गांव के लोगों द्वारा उस समय उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई जिसमें अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के अपर सचिव वन ने 31-10-2019 को आदेश क्रमांक एफ3-22/2019/10-1 के द्वारा रेंजर सुरेश सचान का स्थानांतरण पन्ना टाइगर में कर दिया गया।
लेकिन रेंजर साहब हाईकोर्ट पहुंच गए और आदेश पर कोर्ट से स्टे ले लिया तब इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा उच्च अधिकारी से मामले में 28 दिन में जवाब मांगा गया था लेकिन अधिकारियों ने अभी तक जबाब पेश नहीं किया और रेंजर अभी भी जमे हुए हैं इसके अलावा क्षेत्र के लोगों द्वारा कई और मामलों में रेंजर पर लापरवाही करने के मामले सामने आए हैं तो वही उन पर लेनदेन करने के आरोप लगाए गये हैं।