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मंगलवार, 15 सितंबर 2020

छतरपुर बड़ामलहरा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अतिथि शिक्षको ने मंच पर सौंपा ज्ञापन।

बड़ामलहरा छतरपुर। अतिथिशिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एव प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि बड़ामलहरा cm साहब के कार्यक्रम में अतिथिशिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल को मंच में बुलाया गया और मांग भी मंच से रखी गई आश्वसन भी आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय जी ने दिया है , मंच से अतिथिशिक्षक प्रतिनिधि मंडल के रूप में बड़ामलहरा ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद यादव घासीराम यादव भगवा संकुल अध्यक्ष खलक सिंह लोधी जी के नाम बोले गए जिसमे प्रशासन के कहने पर खलक सिंह जी को मंच पर भेजा गया पद स्थाईत्व 12माह के सेवाकाल अनुभव के आधार पर स्थाई करने का निवेदन किया गया,

आपको बता दे कि बिगत 12वर्षो से बीजेपी श्री शिवराज सरकार द्वारा अतिथिशिक्षको सरकारी स्कूलों पर लगातार सेवाएं देने के लिये लगाया गया है अल्प मानदेय में सेवाएं देते आ रहे अतिथिशिक्षको का आजतक भविष्य सुरक्षित नही ,कांग्रेस सरकार के समय जब अतिथिशिक्षक आंदोलन रत थे तब अतिथिशिक्षको के बीच स्वयं शिवराज सिंह जी वर्तमान मुख्य मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा जी अतिथिशिक्षको के बीच आये थे भरोषा दिया था कि हम न्याय करेंगे इस बार और सिंधिया जी ने अतिथिशिक्षको के मुद्दे पर पार्टी बदली लेकिन अतिथिशिक्षको सरकार अनदेखा कर रही है

सभी वर्ग को देती है सरकार लेकिन अतिथिशिक्षको का लगातार शोषण करती है

अतिथिशिक्षको के कारण ही सरकार बदली और इस उपचुनाव में 70हजार अतिथिशिक्षक परिवार के वोट चुनाव में प्रभावकारी रहेंगे 27बिधानसभा ओ में लगभग 23हजार और बड़ामलहरा में 3हजार अतिथिशिक्षक हैं

 अतिथिशिक्षको की अनदेखी कही भाजपा को पड़ न जाये भारी।

छतरपुर बड़ामलहरा दौरे में गये cm साहब से मिलने गए अतिथिशिक्षको को एकजुट नही होने दिया गया लगातार अतिथिशिक्षक संघ जिला छतरपुर एव ब्लॉक पदाधिकारीयो पर दबाव बनाया गया ,हम प्रशासन द्वारा पहले सभी पदाधिकारियों को नजरबंद करने की कोशिश की गई उनके ऊपर दबाव बनाया गया कि ज्ञापन आप नही दोगे जब जिद की गई तो एक पदाधिकारी को मंच में भेजा गया  लेकिन अतिथिशिक्षको इकठ्ठा नही होने दिया गया इसके साथ ही हमारे बहुत से अतिथिशिक्षको को पुलिस वैन में भरकर दूर ले जाया गया जो कि गलत है इस कृत्य के लिये अतिथिशिक्षक संघ प्रशासन की निंदा करता है ,सरकार के इस प्रकार की कार्यवाही से अतिथिशिक्षको में आक्रोश ही पनपेगा जो उपचुनाव मे बिरोध का कारण बनेगा।

संघ के जिलाध्यक्ष ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि हमने प्रशासन की हर बात मानी सरकार के हर जुर्म सहे हमारे अतिथिशिक्षको को सकुशल छोड़ दिया जाए अब और किसी पदाधिकारी को मानसिक तनाव न दिया जाए न ही डराया धमकाया जाए कार्यवाही के नाम पर अन्यथा पूरी विधानसभा में सरकार का बिरोध करने बड़ामलहरा व छतरपुर में आंदोलन करने पर अतिथिशिक्षक संघ बाध्य होगा ,यदि किसी भी पदाधिकारी पर कोई कार्यवाही होती तो सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के 70हजार अतिथिशिक्षक सड़को पर उतरने के लिये बाध्य होंगे।