//रत्नेश रागी//
ब्यूरो छतरपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर श्री एस.एस. परमार के निर्देशन में 10 जुलाई को जिला एवं तहसील, न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिसमें राजीनामें एवं आपसी सहमति के आधार पर प्रकरणों का निराकरण होगा। जिसकी तैयारियां जोरों पर जारी है।
अपर सत्र न्यायाधीश सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक मामले एवं सिविल मामले, पारिवारिक विवाद मामले, निगोशियल इन्सटूमेंट मामले तथा मोटर दुर्घटना के मामले एन.आई. एक्ट से संबंधित प्रकरण और ऐसे प्रीलिटिगेशन के मामले जो कि आज तक किसी भी न्यायालय में दायर नहीं किये गये, जिनमें विद्युत विभाग और बैकों तथा नगरपालिका के जलकर और संपंत्तिकर आदि के मामलों का निराकरण आपसी सामजस्य एवं समझौते से किया जायेगा।
इसी तरह नेशनल लोक अदालत में अधिकतम मामलों का निराकरण हो सके। इस हेतु प्रभारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा निर्देश दिये गए है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को सस्ता सुलभ तथा शीघ्र न्याय मिलता है। यदि पक्षकारगण द्वारा मामले का निराकरण कराया जाता है तो संबंधित मामले की अपील, रिवीजन एवं पुर्नावलोकर नहीं होता और यदि पक्षकार द्वारा कोर्ट फीस का संदाय किया जाता है तो वह वापिस मिल जाती है और आपस में कटुता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। पक्षकारों से अपील की है कि वे उपरोक्त आयोजित नेशनल लोक अदालत में उपस्थित रहकर अपने प्रकरणों का आपसी सुलह एवं समझौतें के माध्यम से अधिकतम संख्या में मामलों का निराकरण कराते हुए लाभ उठायें।