//राजेश पाराशर//
नेटवर्क सागर। पीटीसी मैदान में 11 दिवसीय स्वदेशी मेला के तीसरे दिन मंगलवार को लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। मेले में लोग अपने पसंद के सामान की खरीददारी भी उत्साह पूर्वक करते दिखे। स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के माध्यम से यह मेला आयोजित किया जा रहा है। मेला प्रांगण में बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, छात्रों द्वारा ऋषियों की भूमिका पर कार्यक्रम, स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने डांस की प्रस्तुति दी। इसके अलावा स्वावलम्बी गांव में निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 221 मरीजों की जांच हुई। बच्चों की परिधान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनिष्ठा जैन, सुनीता पड़वार, द्वितीय अव्यर्थ गंगवाल, अर्चना जैन, तृतीय स्थान अनुराज, अंजू सेठ, चतुर्थ स्थान हार्दिक जैन को मिला। मंच का संचालन एड. रश्मि ऋतु जैन ने किया। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत समन्वयक और मेला संयोजक कपिल मलैया ने बताया कि मेला में मेरा गांव- स्वावलंबी गांव बनाया गया है। जिसमें सरसों का साग और मक्का की रोटी, बाटी-भर्ता, पापड़, चटनी, महेरी, भुट्टा, बुंदेली व्यंजन, मिट्टी के बर्तन, चूल्हे, लकड़ी की खटिया, बैलगाड़ी और गौ शाला बनाई गई है जो लोगों को आकर्षित कर रही है। इसके अलावा मेला में सहारनपुर का फर्नीचर, मिर्जापुर की कारपेट, खुर्जा की क्राकरी के स्टाल लगाए गए हैं। मेला पालक अनिल अवस्थी ने बताया कि जरा सोचिए, देश के अलग-अलग राज्यों के परंपरागत व्यंजन, वस्त्र, ज्वेलरी, सजावट और अन्य वस्तुएं किसी एक ही जगह पर उपलब्ध हों तो कितना अच्छा रहेगा। स्वदेशी मेला सागर में दूसरी बार ऐसा ही अवसर लेकर आया है। स्वदेशी मेले में भारतीय संस्कृति और स्वदेशी की झलक दिख रही है।
स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार नामदेव ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं जब भी लोग खरीदते हैं तो उसका पैसा हमारे देश में रहता है जिससे देश तेजी से विकास करता है और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। मेला सह संयोजक सौरभ रांधेलिया, रिशांक तिवारी, करण श्रीवास्तव, नितिन सोनी ने बताया कि विदेशी कंपनियां प्रचार-प्रसार में आगे हैं जिससे लोग आकर्षित होते हैं लेकिन हम सभी स्वदेशी वस्तुओं को ही अपनाएं।
इस अवसर पर मेला संयोजक कपिल मलैया, एड. पी सी नायक, आशीष अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, कमलेन्द्र जैन, वीरेंद्र मालथौन, बृजेश शर्मा जिला संयोजक बीना, संध्या रांधेलिया, मंजू मगन जैन, विनय मलैया, सुनीता अरिहंत, नितिन पटैरिया, अखिलेश समैया, सुनील सागर, अंजली दुबे, डॉ. श्वेता नेमा, रवीन्द्र ठाकुर, प्रीति केशरवानी, अंजली राज सोनोग्राफी, दीप्ती चंदेरिया आदि उपस्थित थे।
