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रविवार, 22 दिसंबर 2024

सुंदरकांड का पाठ करने से हमारे जीवन के समस्त कांड सुंदर होते हैं:-चिन्मयानंद बापू

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर। खेल परिसर के बगल वाले मैदान में चल रही श्री राम कथा के सप्तम दिवस में बापू ने कहा की भरत चरित्र से दो भाइयों के बीच में कैसा प्रेम होना चाहिए। इसकी शिक्षा हमें प्राप्त होती है भगवान राम ने भरत को गद्दी  देने के लिए कहा और भरत ने भगवान राम को गद्दी देने के लिए कहा आज समाज में हमें यही देखने को नहीं मिलता। संपत्ति के पीछे भाइयों में हर जगह झगड़ा विवाद देखने को मिलता है। भरत जैसा प्रेम और भाई मिलना इस धरती पर असंभव है साथ ही बापू ने सुंदरकांड की कथा का विस्तार करते हुए कहा की सुंदरकांड की शुरुआत में जामवंत जैसे वृद्ध की बात हनुमान जी महाराज जैसे नौजवान को पसंद आई। इसलिए सुंदरकांड के व्याख्या में तुलसीदास जी ने इसका नाम सुंदरकांड रखा

बापू ने कहा जिस दिन वृद्ध मां-बाप की बात नौजवान भाई बहनों को अच्छी लगने लगेगी। उनके जीवन के प्रत्येक कांड सुंदर ही होने लगेंगे बापूजी ने कहा कि संसार के सभी दुखों का निवारण श्री हनुमान जी महाराज की उपासना है क्योंकि हनुमान जी महाराज कलयुग के प्रत्यक्ष देव हैं और कण कण में व्याप्त हैं। इसलिए हनुमान जी महाराज की प्रत्येक व्यक्ति को आराधना करनी चाहिए।

बाद में श्री राम राज्याभिषेक के साथ सप्त  दिवसीय श्री राम कथा को परम पूज्य बापू जी ने विश्राम दिया विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट की शाखा सागर द्वारा अगले वर्ष इसी महीने में इसी तारीख पर पुनः एक बार श्री राम कथा के माध्यम से सप्त दिवसीय सुंदरकांड की कथा के लिए घोषणा भी की गई और शाखा सागर द्वारा सागर की समस्त जनता जनार्दन का आभार व्यक्त किया गया।

कथा में आज मुख्य रूप से मुख्य यजमान डाॅ. अनिल तिवारी, श्रीमती प्रतिभा तिवारी, प्रदीप लारिया नरयावली विधायक, हीरासिंह राजपूत जिला पंचायत अध्यक्ष, शाखा अध्यक्ष, मिहीलाल अहिरवार नगरपालिका अध्यक्ष, पं. शिवशंकर मिश्रा, सह यजमान  अशोक उपाध्याय, सीताराम मिश्रा, गोलू रिछारिया, अनिल दुबे, कमल तिवारी, रामजी दुबे, अजय श्रीवास्तव, मुन्ना पटेरिया, रामअवतार पांडे, डाॅ. तरुण बड़ोनिया, डाॅ. अंकलेष्वर दुबे, रवीनद्र अवस्थी एड., हरिराम सिंह, रामरतन बड़ौनिया, दीपक पौराणिक शास.अधि., शैलेश केशरवानी, प्रभात मिश्रा, दीपक तिवारी, श्याम नेमा, रीतेश पाण्डे, असंख्य दुबे, प्रहलाद रैकवार, आषीश गोस्वामी, संदीप दुबे, मुकेश नायक, निहाल मिश्रा, अथर्व दुबे, नमन मिश्रा, प्रमोद यादव, आदि उपस्थित रहे।  कथा का कुशल संचालन मयंक वैद्य ने किया आभार मुख्य यजमान डाॅ. अनिल तिवारी ने माना एवं उनके विशेष अनुरोध एवं कथा में उपस्थित असंख्य  श्रद्धालुओं ने पण्डाल से जोरदार तालियों के साथ पूज्य बापू जी का अभिवादन किया एवं डाॅ. तिवारी द्वारा विशेष अनुरोध पर अगले वर्ष 2025 में सुंदरकाण्ड पर कथा का अग्रह पूज्य बापू जी से किया। पूज्य बापू जी ने श्रद्धालुओं की आस्था, प्रेम देखकर कथा की सहमती प्रदान की तो पूरा कथा पण्डाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूॅंज उठा। कथा में आज पूरा खेल परिसर का ग्राउंड भर गया। कई हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन कथा सुनने पहुॅंचे।