//राजेश पाराशर//
नेटवर्क सागर। खेल परिसर के बगल वाले मैदान में चल रही श्री राम कथा के छठवें दिन में बापूजी ने कहा कि भगवान राम के विवाह उत्सव के पश्चात महाराज जनक द्वारा विभिन्न विभिन्न तरह की बहुत वस्तुएं अयोध्या उपहार स्वरूप में भेजी गई। शनिवार दोपहर 11 बजे से पूज्य बापू जी कथा स्थल पर समस्त श्रद्धालुओं से मिलेंगे। श्रद्धालुजन दर्शन लाभ ले कर पुण्यलाभ अर्जित करें। बापूजी ने कहा कि आजकल जो विवाह समारोह में मांगने की प्रथा चल गई है वह बहुत गलत है और ऐसे लोभियों के यहां कभी अपनी बेटियों का विवाह न करें जो लोग विवाह को एक सौदा में परिवर्तित कर रहे हैं कथा के माध्यम से उन्होंने दहेज प्रथा का विरोध किया।
बाद में राम वनवास की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु राम की ही इच्छा से माता केकई ने भारत के लिए गद्दी और राम के लिए वनवास यह दो वरदान मांगे बापूजी ने कहा कि कभी-कभी हमें आशक्ति के कारण भी दुख उठाना पड़ता है इसीलिए इस धरती पर पूर्ण सुखी कोई नहीं हो सकता क्योंकि धरती पर जब स्वयं प्रभु राम के पिता को भी रोना पड़ा तो हम सब तो साधारण मनुष्य के जीवन में है भगवान राम वनवास के दौरान प्रयागराज में रुके बापूजी ने कहा कि जो लोग राम के ऊपर सवाल उठाते हैं राम के अवतार लेने पर सवाल उठाते हैं वह प्रयागराज में जाकर अक्षय वट का दर्शन करें जिसको कई बार मुगल शासन में और अंग्रेजों के शासन में जला दिया गया नष्ट कर दिया गया उसकी पश्चात भी अक्षय वट आज भी प्रयागराज में उपस्थित है और हम उसका दर्शन करते हैं क्योंकि अक्षय वट स्वयं प्रभु राम के जीवन से जुड़ा है जहां वनवास काल के दौरान भगवान राम ने एक रात्रि विश्राम किया था।
आज कथा के माध्यम से भरत चरित्र,सुंदरकांड और श्री राम राज्याभिषेक की कथा के साथ श्री राम कथा का विश्राम किया जाएगा।
कथा में आज मुख्य रूप से मुख्य यजमान श्रीमति प्रतिभा अनिल तिवारी, अभिषेक दीपू भार्गव, सतीष पाठक पत्रकार, अतुल मिश्रा पत्रकार, शिवशंकर मिश्रा, सह यजमान अशोक उपाध्याय, रामअवतार पाण्डे, रामरतन बडौनिया, अनिल दुबे, डाॅ. तरूण बडौनिया, अमित बैसाखिया भा.पा. मण्डल अध्यक्ष, नीरज यादव भा.पा. मण्डल अध्यक्ष, सुरेन्द्र सुहाने, अभिषेक गौर, राजीव हजारी, गौरगोपाल पाण्डेय, अभिषेक पुरोहित, अंषुल सिंह, निहाल मिश्रा, मुकेश नायक, आषीश गोस्वामी, सीताराम मिश्रा, कमल तिवारी, अजय श्रीवास्तव, मुन्ना पटैरिया कैलाश रैकवार, गोवरधन रैकवार, उमाषंकर रैकवार, दिलीप बाबू, सभी ने कथा में आरती की। कथा में हजारोें की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।