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शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024

विश्व प्रसिद्ध आतंकवादी को चुनौती देने का सामर्थ सन्त महात्माओ में:- पाण्डेय जी

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर।  तिली सत्संग भवन के सामने चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ दिवस की वेला में वाराणसी से आये पूज्य कथा व्यास आचार्य रामकुमार पांडेय ने बताया कि साधु , सन्त ,महात्माओ, गुरु, माता पिता और भगवान की परीक्षा नही लेनी चाहिये। इंद्र के पुत्र जयंत ने भगवान की परीक्षा ली तो एक आंख फूट गई।

सती जी ने श्री राम जी की परीक्षा ली तो देह त्यागना पड़ा। अर्थात दण्ड भोगना पड़ा।

उन्होनो बताया इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड में हिरण्यकश्यपु का आतंक था पर नारद जी ने  चुनोती देकर उसकी पत्नी कयाधु का हरण करके गर्भगत जीव को सनातनी शिक्षा देकर आतंकवाद का अंत कराया। जीव को भगवत साक्षात्कार का सरल साधन सत्संग ओर सन्त  चरण रज है। जन्म की कथा कहते हुए बतायाबकि तपोपूत भक्त के इधर भगवान बेटा बन कर जन्म ले लेते है। तिली सत्संग भवन के सामने चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ दिवस की वेला में वाराणसी से आये पूज्य कथा व्यास आचार्य रामकुमार पांडेय जी ने बताया साधु , सन्त ,महात्माओ, गुरु, माता पिता और भगवान की परीक्षा नही लेनी चाहिये। इंद्र के पुत्र जयंत ने भगवान की परीक्षा ली तो एक आंख फूट गई।

सती जी ने श्री राम जी की परीक्षा ली तो देह त्यागना पड़ा अर्थात दण्ड भोगना पड़ाउ न्होनो बताया।

इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड में हिरण्यकश्यपु का आतंक था।पर नारद जी ने  चुनोती देकर उसकी पत्नी कयाधु का हरण करके

गर्भगत जीव को सनातनी शिक्षा देकर आतंकवाद का अंत कराया।जीव को भगवत साक्षात्कार का सरल साधन सत्संग ओर सन्त  चरण रज है। जन्म की कथा कहते हुए बताया  तपोपूत भक्त के इधर भगवान बेटा बन कर जन्म ले लेते है कथा प्रतिदिन  दोपहर 1 बजे  से  हरि इक्षा तक चल  रहीं हे  मुख्य यजमान  श्रीमति उर्मिला जगदीश मिश्रा, श्रीमति मनीषा विनय मिश्रा, कृष्ण जन्मोत्सव पर खूब भक्त ज़न भावा भिमोर होकर नाचे।  कथा का समापन 30 दिसंबर को होगा।  कथा  की आरती में   दिनेश  मिश्रा,अनिल मिश्रा, नीरज पांडे, वीरू ज्योतिषी आदि उपस्थित रहे।