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गुरुवार, 5 दिसंबर 2024

कुशवाहा समाज ने किया संत शिरोमणि श्री गुलाब बाबा की पालकी शोभा यात्रा का भव्य स्वागत।

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर।  संत शिरोमणि श्री गुलाब बाबा की चरण पादुका एवं पालकी यात्रा का सागर जिले में यह 17 वाँ वर्ष है जिसको लेकर 17 वर्षो से कुशवाहा समाज के लोग गुलाब बाबा की चरण पादुका एवं पालकी यात्रा में सम्मलित होते आ रहे हैं। कुशवाहा समाज गुलाब बाबा के प्रेम भाव से समर्पित होकर गुलाब बाबा के रंग में रंग गया है। स्वागत में अखंड कुशवाहा समाज संगठन सागर की समिति के साथ समाज जनों ने उनकी शोभायात्रा का भव्य स्वागत, पुष्प वर्षा के साथ किया। साथ ही संत गुलाब बाबा की शोभा यात्रा में सम्मलित हुए। इस मौक़े पर कुशवाहा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डालचंद पटेल, संरक्षक  वीरेंद्र पटेल ने कहा कि गुलाब बाबा को भजन सुनने का बहुत शौक था। 

वे मानवता की भलाई में विश्वास करते थे और हमेशा कहते थे कि दूसरों से प्रेम करो, अपना मन शुद्ध रखो और दूसरों से प्रेम करना सीखो।  गुलाब बाबा  के ज्ञान के बारे में बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1902 में 21 वर्ष की आयु में उन्होंने डार्विन और स्पेंसर के सिद्धांतों पर एक टिप्पणी लिखी थी। उन्होंने ध्यान, योग और भक्ति जैसे विभिन्न विषयों पर पुस्तकें लिखी थीं और प्राचीन ग्रंथों पर भाष्य लिखे थे। उन्होंने मानस आयुर्वेद (आयुर्वेद का मनोवैज्ञानिक भाग ) लिखा था। उन्होंने मोक्ष और शाश्वत ज्ञान प्राप्त करने के इच्छुक लोगों को दिशा-निर्देश दिए थे। एक अंधे व्यक्ति के रूप में, वे योग ,उपनिषद और ब्रह्मसूत्र जैसे विषयों और गुप्त विज्ञानों पर लिख सकते थे। जिन्हें शिक्षित और बुद्धिमान लोगों के लिए भी समझना मुश्किल है। उनकी लेखन शैली उनकी अपनी थी और उन्होंने वैदिक अनुशासन को बनाए रखते हुए अपने विचार सामने रखे। उन्होंने हिंदू धार्मिक विज्ञान के कई रहस्यों को उजागर किया जो संत आमतौर पर सार्वजनिक नहीं करते थे। शोभा यात्रा में पंडित गोलू रिछारिया ( जयंत मामा ) डॉ. अनिल साहू , गुड्डा मेहता , के.एल नेमा , मुन्ना खेजरा पाराशर हटा , अमित पटेल कुशवाहा समाज के शहर अध्यक्ष कनई पटेल,लक्ष्मण पटेल,बृजेश पटेल, नर्मदा प्रसाद पटेल, गुलचे पटेल,नितिन चौधरी, विजय पटेल, रामावतार पटेल,सुमित कुशवाहा,श्याम सोनी बड़ी संख्या में कुशवाहा समाज के व्यक्ति शोभायात्रा में शामिल हुए।