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बुधवार, 29 जनवरी 2025

महिला सशक्तिकरण की मिशाल: ‘युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर’ पुस्तक का विमोचन।

//वंदना जोशी//

नेटवर्क इंदौर। ननामा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में बुधवार को लेखिका डॉ. ममता चंद्रशेखर की पुस्तक ‘युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर’ का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, श्रीमंत उदय सिंह होलकर, पद्मश्री सत्येन सिंह लोहिया, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष चंद्रशेखर रायकवार, पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़ और डॉ. माला ठाकुर सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

इतिहास से वर्तमान तक अहिल्याबाई की प्रासंगिकता

पुस्तक की विषयवस्तु पर बोलते हुए लेखिका डॉ. ममता चंद्रशेखर ने कहा कि यह कृति इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कृष्ण कुमार अष्ठाना ने इस शोध कार्य में उनकी विशेष सहायता की। उन्होंने कहा, "देवी अहिल्याबाई के कार्यों के विशाल समुद्र के सामने यह पुस्तक मात्र एक बूंद के समान है, लेकिन उनका प्रेरणादायक जीवन सभी के लिए अनुकरणीय है।"

हर युग में प्रासंगिक हैं अहिल्याबाई

महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने कहा कि महान आत्माएं धरती पर जन्म लेकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करती हैं और देवी अहिल्याबाई भी ऐसी ही युगंधरा थीं। वहीं, पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे ने कहा कि अहिल्याबाई के कार्यों का प्रचार-प्रसार होना चाहिए और समाज को उनके विचारों को आत्मसात करना चाहिए।

होलकर परिवार के श्रीमंत उदय सिंह होलकर ने कहा कि महिलाओं के लिए देवी अहिल्या एक आदर्श हैं, जिनका अनुसरण करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. माला सिंह ठाकुर ने कहा, "अगर हमें संपूर्ण नारीत्व का आदर्श देखना हो, तो अहिल्याबाई से बेहतर कोई नहीं। वे एक आदर्श बेटी, पत्नी, बहू और मां थीं, साथ ही विषम परिस्थितियों में एक कुशल प्रशासक और समाज सुधारक के रूप में भी उन्होंने मिसाल कायम की।"

‘23 वर्ष, 23 पुस्तकें’ प्रदर्शनी का उद्घाटन

इस अवसर पर लेखिका ममता चंद्रशेखर की 23 वर्षों की साहित्यिक यात्रा को दर्शाने वाली ‘23 वर्ष, 23 पुस्तकें’ प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कला जोशी ने किया।