एलएनटी कंपनी कर्मियों द्वारा नदी की सफाई व घाट का किया गहरीकरण।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। प्रमुख तत्वों में जल का अहम स्थान है। जल विन प्राणियों का जीवन संभव नहीं है। नदियों का आस्तित्व और जल की गुणबत्ता वनाऐं रखनें, समय समय पर साथ-सफाई होना आवश्यक है।एलएनटी कंपनी कर्मियों ने काठन नदी की सफाई, घाट का गहरीकरण और समतलीकरण करते हुऐ ग्रामीणों को नदी को आस्तित्व में बनाऐ रखनें की प्रेरणा दी।
नजदीकी ग्राम सेंधपा स्थित काठन नदी में रविवार को एलएनटी कंपनी कर्मियों ने नदी की गंदगी को बाहर निकालकर प्रदूषण मुक्त किया। साथ ही, नदी में जेसीबी मशीन चलाकर घाट व नदी का गहरीकरण किया। कंपनी के 2 दर्जन से अधिक कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से नदी को संवारनें की दिशा में एक सकारात्मक पहल शुरु की।
देवी देवताओं की प्रतिमाओं के विसर्जन पर गांव का कचरा कूड़ा, पुरानें व उपयोगहीन कपडे़, पॉलीथिन नदी में जाने से जल प्रदूषित हो रहा है। प्रदूषण से दिनों दिन स्थिति विकराल हो रही है ऐसे में नदियों को संवारना आवश्यक है।
सुबह 9 बजे से तीन घंटे तक चले सफाई अभियान के दौरान करीब 5 सौ वर्ग मीटर हिस्सा से गंदगी हटाई गई।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैंनेजर देवनाथ मंडल ने बताया कि, विश्व जल दिवस के अवसर पर एक दिवसीय अभियान चलाकर नदी के जल को उपयोग लायक बनाने का प्रयास किया है। उन्होनें बताया कि, कंपनी द्वारा देश की 2 सौ जल स्रोतों की साफ-सफाई की जा रही है। आगामी 22 मार्च को समूचे विश्व में जल दिवस मनाया जाऐगा लेकिन, कलर फैस्टिवल होली होने की वजह से रिवर में प्री वर्किंग की गई है।
120 गांव में पहुंचेगा, बान सुजारा का जल
छतरपुर-टीकमगढ़ जिले की सीमावर्ती क्षेत्र में सरकार ने करोडों रुपये खर्च करके धसान नदी का पानी रोका है। 107 करोड़ रुपये की लागत से टीकमगढ़ जिला स्थित जतारा,पलेरा, बल्देवगढ और खरगापुर तहसील के 830 किमी क्षेत्र में नहर बनाकर खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।