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रविवार, 3 मार्च 2019

जंगलों में से रोज कटती है,लकड़ी प्रशासन मौन या मिलीभगत????

जंगलों में से रोज कटती है,लकड़ी प्रशासन मौन या मिलीभगत????

//अखंड यादव// 

बल्देवगढ़(टीकमगढ)।  पहले थी हरी-भरी आप नजर आते हैं , शासन द्वारा पर्यावरण बचाओ जीवन बचाओ जैसी सरकार द्वारा तमाम सरकार की योजनाएं चला कर पर्यावरण को बचाने एवं प्रदूषण मुक्त करने के लिए योजनाएं बनाकर जंगलों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
 और साथ-साथ लाखों करोड़ों रुपए सरकारी खजाने से साफ कर रहे हैं वही जंगलों को काटकर कालाबाजारी की जा रही है और अधिकारी कर्मचारी हाथ पर हाथ रखे हुए  बैठे हुए हैं बल्देवगढ़ वन परीक्षेत्र अंतर्गत बल्देवगढ़ सेवार मुख्य मार्ग और इमलिया जंगल से अवैध तरीके से हरे पेड़ो को काटकर हो रहा है काला धंधा।
 वहीं अधिकारियों द्वारा इस पर मौन साधे हुए शांत बैठे हुए हैं वहीं बल्देवगढ़ से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इमलिया जंगल में 5 हेक्टेयर जमीन पर और 2 किलो मीटर के जंगल मे 5 से 6 हजार हरे पेड़ों को काट कर उनका कालाबाजारी कर दिया और लगातार पेडो की कटाई चल रही है इसलिए इस संबंध में स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग अधिकारियों से संबंधित शिकायत की पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई इससे माना यह भी जा रहा है कि विभाग अधिकारियों की मिलीभगत के कारणों के चलते जंगल के पेड़ काटे जा रहे हैं क्योकि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने समस्त अधिकारियों को इस से अवगत कराया गया पर फिर भी किसी प्रकार की कटाई पर रोक नहीं लगाई जा रही है वही बल्देवगढ़ वन विभाग अंतर्गत 70 फ़ीसदी जंगलों का इसी प्रकार से हाल बना हुआ है वही बल्देवगढ़  सेवार चंदूली इमलिया तालमऊ भेलसी कुडयाला हीरापुर  क्षेत्र के अंतर्गत आने बाले  जंगलों में कटाई का सिलसिला बरकरार बना हुआ है।
 वही स्थानीय लोगों ने बताया कि जंगलों में हरे भरे पेड़ दिखाई देती थी वहीं अब सिर्फ खाली जमीन ही दिखाई दे रही है कई पेड़ों पर कुल्हाड़ी से काटने की अलग ही निशान नजर आ रहे हैं और कई पेड़ तो सिर्फ अब उनकी जड़े ही दिखाई दे रहे हैं सारे जंगल को साफ कर दिया गया।
 इस आनरधुंध कटाई  पर लगाम  नही लगाया जा रहा है यहां तक कि पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर सिर्फ व्यापार एवं भ्रष्टाचार ही नजर आ रहा है।
वही इस संबंध में ग्रामीण बल्लू यादव ने बताया की जंगलों में लगातार लकड़ियां काट रही है और प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होती है रोज यहां पर गस्त के नाम पर घूमती है मोटरसाइकिल से निकल जाते हैं उनके सामने ही लोग बार लकड़ियां काट कर चले जाते हैं पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होती है शासन की मिलीभगत के चलते सुविधा शुल्क पर सिर्फ  ध्यान बनाए जाते है।
तो इनके अलावा राजाराम आदिवासी ने बताया अधिकारियों की सांठगांठ के चलते जंगल में 5 से 6 हजार पेड़ काट लिए गए हैं और इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग अधिकारियों से शिकायत की गई पर किसी प्रकार की भी कोई कार्रवाई नहीं होती है इसका मानना है कि वन विभाग अधिकारियों की मिलीभगत के चलते जंगल काटे जा रहे हैं और जंगल में बड़े-बड़े पेड़ हो रहे थे आज पहाड़ियों और खाली जंगल की दिखाई दे रहा है।

इससे पहले भी कई ग्रामीण कर चुके है शिकायत।


 नरेंद्र सिंह तोमर सरकनपुर निवासी ने बताया कि वन परिक्षेत्र मुख्य अधिकारी के आदमियों द्वारा क्षेत्र में उगाही की जाती है लकड़ी बेचने से लेकर बालू बेचने वालों से तक पैसे लिए जाते हैं तोमर ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिनदहाड़े रेंजर अधिकारी द्वारा बालू से भरे ट्रैक्टरों को पकड़ लिया जाता है लेकिन पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है इसकी शिकायत मैंने कलेक्टर से लेकर वन विभाग भोपाल के कार्यालय शिकायत कर चुका हूं लेकिन ऊपर बैठे भ्रष्ट अधिकारी होने की वजह से ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और मुख्य रेंजर अधिकारी की गाड़ी में खुलेआम दलाल बैठकर कर घूमते नजर आते हैं।
बी एफ ओ चंद्रशेखर ने बताया कि वैसे भी टीकमगढ़ जिले में अब जंगल कहां बचा हुआ है और जो कुछ जंगल भी था वह भी खत्म है फिर भी शिकायत के आधार पर उड़न दस्ता टीम मैंने सर्वे के लिए भेजी हुई है और इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास  भी किए जा रहे हैं।


इनका कहना है कि......


रेंजर सुजीता का कहना है कि हमारे पास ऐसी कोई जानकारी अभी नहीं आई है आपके द्वारा जानकारी आई है तो मैं स्वयं जाकर जहां पर कटे हुए हैं जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।