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बुधवार, 6 मार्च 2019

नशे की लत से हो रहा है देश और समाज बर्बाद। अखंड यादव खास रिपोर्ट


 नशे की लत से हो है रहा देश और समाज बर्बाद।

प्रमुखतः नए युवा हो रहे है खास शिकार।



//अखण्ड यादव//

 ब्यूरो टीकमगढ। बच्चों द्वारा बढ़ती नशा करने वाले बच्चों की संख्या के लिए कहीं न कहीं आप और हम भी जिम्मेदार हैं।
   हमारी शिकायत रहती है कि बच्चे नशा करते हैं फिर अपराध करते हैं, लेकिन आप और हम कभी नहीं सोचते कि इन बच्चों को नशा मिलता कहां से है, इन्हें नशा दे कौन रहा है। आपको यकीन नहीं होगा पर कही न कहीं हम ही इसके जिम्मेदार हैं, जो दुकान पर मासूम बच्चों को आसानी से दे देते हैं ।

दुकानदार,बीड़ी,सिगरेट,गुटका इस ओर नहीं है प्रशासन का ध्यान।


जिम्मेदार नागरिक होने के नाते क्या कभी खुद हमने इसे रोकने की पहल की। कानून किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 के अनुसार बच्चे को नशा बेचने पर (धारा 77) के अनुसार सात साल तक की सजा का प्रावधान है, फिर भी बच्चों को धड़ल्ले से नशा बेचा जा रहा है। आप शहर के किसी भी कोने में चले जाएं बच्चे को नशा आसानी से उपलब्ध होता है।
बल्देवगढ़ नगर में सरकारी स्कूलों के पास जगह जगह गुटखा सिगरेट पान तमाखू जैसी सामग्री बेची जा रही है और बच्चों को आसानी से दुकानदारो द्वारा दे दिया जाता है दुकानदार यह भी नहीं सोचते कि बच्चों को नशा देना कानूनन अपराध है लेकिन अपना मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं बल्देवगढ़ नगर के शासकीय उत्कृष्ट हाई सेकेंडरी विद्यालय बल्देवगढ़ बस स्टैंड शासकीय कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल पावर हाउस के पास शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला बाजार नगर पालिका के पास नगर की स्कूलों के पास सभी जगह अवैध तरीके से गुटका बीड़ी तंबाकू बेचे जा रहे हैं इस और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।

नशा केवल शराब की दुकान पर मिलने वाली चीज नहीं है, बल्कि यह पान की दुकानों, गुमठियों पर भी मिल रहा है। आप यकीन नहीं मानेंगे पर हम जिस दुकान से पान खरीदते हैं, उसी दुकान से आपका बच्चा सिगरेट, गुटखा, तम्बाकू आदि खरीदता है।

 जब बुंदेलखंड प्रजेंट न्यूज के संवाददाता अखंड यादव ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि इसके लिए कानून तो है पर सख्ती से पालन नहीं हो रहा।

नशे से दूर रहकर सुरक्षित कर सकते हैं भविष्य।


बच्चों से नशा सामग्री बिकवाना अपराध
किसी बालक का किसी मादक लिकर, स्वापक औषधिया मन: प्रभावी पदार्थ के विक्रय,फुटकर क्रय-विक्रय, उसे साथ रखने, उसकी आपूर्ति करने या तस्करी करने के लिए उपयोग किया जाना- धारा 78 के तहत नशीली सामग्री बिकवाना या तस्करी कराने सात साल तक की सजा हो सकती है और एक लाख रुपए तक के जुर्माने से भी दण्नीय होगा।
अधिनियम 2003 सिगरेट और तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों को स्कूल से 100 मीटर दूर दुकान लगानी होगी एवं धूम्रपान करने एवं बेंचने बाले की दुकान के बाहर बोर्ड भी लगाना होगा।
धारा 6 ऐसे किसी व्यक्ति को जो 18 वर्ष की कम आयु का है और किसी शैक्षिक संस्था की एक सौ गज की परिधि के भीतर किसी स्थान पर सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादन का विक्रय करने की प्रस्तावना या बिक्री करने की अनुमति नहीं देगा यह  पूर्ण जानकारी देते हुये आशीष तिवारी एडवोकेट ने हमे बताया।

किसी भी व्यक्ति या बालक को नशा चढऩे के बाद उसके सोचने समझने की इच्छा शक्ति कम होती चली जाती है और दिमाग में बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। नशे के बाद लोगों को इसके कारण होने वाले हादसों और रिस्क का परिणाम क्या होगा इसका पता नहीं होता है।
 इसके साथ ही उसमें जोश बढ़ता जाता है। हो सकता है सामान्य हालत में व्यक्ति या बालक अपराध न करे।
 जीवनशैली की चाह रखने वालों को नियमित योग करना चाहिए, dr विकास जैन, शासन द्वारा योग प्रशिक्षित किये गए हैं, इस संबंध में किसी भी सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
  क्षेत्र की जनता स्वस्थ रहे, उन्नति करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अच्छा माहौल बना सके, ऐसी शुभकामनाएं हमेशा रहेंगी ।।ब्लॉक स्तर पर नशा मुक्ति हेतु किसी भी प्रयास में सहयोगी-डॉ. विकास जैन (आयुर्वेद),CHC, बल्देवगढ़

देश में केवल डे-सेलीब्रेट करने से कुछ नहीं होगा।

समाजसेवी दिगपाल सिंह बल्देवगढ़
 ने बताया कि सरकार को सख्ती करनी होगी तभी नशा करने वाले सरकार से डर सकेंगे और हमारी युवा पीढ़ी नशे से बच सकेगी। अभी हमारे देश में केवल डे सेलीब्रेट किया जा रहा है। ऐसा करने से कुछ नहीं होने वाला। टोबेको डे बेशक सभी मना रहे है पर तंबाकू उत्पाद पर जब तक प्रतिबंध नहीं लगता तब तक इस प्रकार के दिन मनाने का कोई फायदा नहीं है। तंबाकू से कैंसर रोग फैलता है। कैंसर रोग का इलाज महंगा है। महंगा इलाज करवाना हर कैंसर रोगी के बस में नहीं है। सरकार को चाहिए कि वे तंबाकू उत्पाद पर तुरंत प्रतिबंध लगा दें।

नशे के खिलाफ मिलकर चलाना होगा हमें अभियान।


सिगरेट या गुटखा या फिर बीड़ी का नशा भी किसी नशे से कम नहीं है। कई सालों से सरकार नशों के खिलाफ जागरूकता अभियान छेड़े हुए है। नशा करने वाले व्यक्ति यह धारणा बना लेते है कि वे आसानी से छोड़ नहीं सकते है पर असल में ऐसा कुछ नहीं है। नशा छोड़ सकता है जिसकी इच्छा शक्ति मजबूत होगी। शिक्षा विभाग को भी चाहिए कि वे स्कूल के स्लैब्स में नशों के दुष्प्रभाव के चैप्टर को जोड़े। हमारे राष्ट्रवादी हनुमत सेना संगठन भी लोगों को नशों के बुरे प्रभाव के बारे में समय-समय पर जागरूक करता रहता है। हमें मिलजुलकर अभियाना चलना होगा। इस बारे में राष्ट्रवादी हनुमत सेना द्वारा नशा मुक्ति अभियान को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा
राष्ट्रवादी हनुमत सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरु सत्य प्रकाश यादव।