15 किलो गांजे की खेप सहित छ: आरोपी हिरासत में।
उड़ीसा से लाकर करते थे अवैध व्यापार,एक लाख से ऊपर आंकी गई कीमत।
//नरेंद्र अहिरवार//
ब्यूरो दमोह। जिले में आज गांजा एवं अवैध हथियार तस्करों की तादात दिन व दिन बढ़ती जा रही हैं, यही कारण है, कि महीने भर में आधा दर्जन मामले अवैध हत्यार गांजा तस्करी के सामने आ रहे हैं। मानो अवैध हथियार व गांजा तस्करी करने वालों ने शहर को अवैध रूप से मादक पदार्थो को बेचने का बाजार बना रखा हैं।लगातार बड़ी मात्रा में पकड़े जा रहे अवैध जखीरे के बाबजूद भी प्रशासन मुख्य सरगना को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही हैं। ज्ञात हो कि वर्तमान में पकड़े जा रहे अवैध गांजे के पकड़े जाने पर मुख्य रूप से उड़ीसा से तार जुड़े नजर आने के बाबजूद भी पुलिस प्रशासन मुख्य रूप से गांजे का गोरख धंधा करने वालों को पकड़ने में नाकाम हैै।
ऐसा ही आज हुआ जब कोतवाली पुलिस के लिए मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई। कि कुछ आरोपी अवैध गांजे को बेचने के लिए शहर की सीमा से होते हुए गुजर रहे हैं। जिसको तत्काल संज्ञान में लेते हुए कोतवाली टी आई एच आर पांडे ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के लिए उक्त घटना की तत्काल सूचना दी। साथ ही देर ना करते हुए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन में कोतवाली टी आई एच आर पांडे ने एक टीम गठित की। जिन्हे पुलिस वाहन से तत्काल घटना की सूचना मिलने पर बस स्टैंड रवाना किया गया। जहां बस स्टैंड पर पहुंचते ही अज्ञात आरोपियों की तलाश पुलिस ने प्रारंभ कर दी साथ रचना होटल के समीप खड़े कुछ लोगों से पूछताछ की गई। जहां मुख्य रूप से संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद राहुल यादव पिता रामसूत यादव उम्र 35 वर्ष, सूरज सिंह पिता जगत सिंह, विरजू कुमार पंडित पिता माणिकचंद पंडित, गजाधर सिंह पिता मुन्ना सिंह राजपूत, दिलीप कुमार पाती पिता गगन बिहारी पाती, पद्मश्री प्रियरंजन दास पिता बलराम दास में से जब हिक्मत है से पूंछतांछ कर तलाशी ली गई तो आरोपियों के पास से लगभग 15 किलो अवैध गांजा बरामद किया। जिसकी कीमत लगभग 1.5 लाख आंकी गई है। जिसके बाद आरोपियों को पुलिस गिरफ्त में लेकर माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया है, की वह उड़ीसा से गांजा लाकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बेंचा करते थे। जिसमे आरोपित को पकड़ने में मुख्य रूप से कोतवाली स्टाफ से उप निरीक्षक मनोज यादव, आरक्षक मलखान सिंह, घनश्याम, राजेश गौर, राम पाठक एवं चालक आरक्षक पाठक का आरोपियों को पकड़ने में विशेष योगदान रहा। साथ ही उक्त कार्यवाही में मौजूद पुलिस स्टाफ को पुरुस्कृत करने की घोषणा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने की हैै।
