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रविवार, 15 सितंबर 2019

न्यायालय में लंबित पड़े 296 प्रकरण निपटे।

न्यायालय में लंबित पड़े 296 प्रकरण निपटे।


नेशनल लोक अदालत में हुआ प्रकरणों का निराकरण।



//नरेंद्र अहिरवार//

ब्यूरो दमोह। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन राष्टीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय, हटा, पथरिया,तेंदूखेड़ा में शंभू सिंह रघुवंशी, प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के कुशल नेतृत्व में किया गया। जिला न्यायालय दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश-अध्यक्ष द्वारा गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
शुभारंभ कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत आर0 एस0 शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री राजीव कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी उषा तिवारी एवं जिला न्यायालय में पदस्थ समस्त न्यायाधीशगण, उपाध्यक्ष अधिवक्ता संघ मनीष चैबे, अधीक्षण यंत्री विद्युत मंडल व्ही.के.जैन, जिला जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी, बैंक प्रबंधकगण, विद्युत वितरण, नगरपालिका एवं दूरसंचार के अधिकारीगण,  अधिवक्तागण, पक्षकारगण, न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

       नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित पारिवारिक मामले चैक बाउंस लंबित विद्युत के प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, दूरसंचार विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया। जिनके निराकरण हेतु संपूर्ण जिलों में 19 खण्डपीठों का गठन किया गया। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी के साथ 02--02 सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति गई।
       श्री माखन लाल झोड़ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जानकारी देते हुये बताया कि नेशनल लोक अदालत में मोटर,  दुर्घटना के 44 प्रकरणों में 15,72,000/-के अवार्ड पारित किये गये तथा विद्युत के लंबित 173 प्रकरणों का निराकरण कर 9,41,237/-चैक वाउंस के 29 प्रकरणों में सुलह के आधार पर निराकरण कर 25,03,000/- की वसूली की गई।   पति-पत्नि के मध्य विवादित लंबित 12 प्रकरणों में राजीनामा एवं आपसी सुलह समझाईश के आधार पर अंतिम निराकरण किया गया और वे पुनः वैवाहिक जीवन जीने के लिए अग्रसर हुये। न्यायालयों में लंबित कुल 296 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया जाकर अंतिम निराकरण किया गया। बैंकों, नगरपालिका विद्युत विभाग एवं दूरसंचार विभाग के प्रिलिटिगेशन के 178 प्रकरणों में 14,05,857/- की राशि की वसूली की गई तथा विभागों द्वारा आकर्षक छूट का लाभ पक्षकारों को दिया गया।

● विद्युत, नगरपालिका  एवं बी.एस.एन.एल. के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में प्राप्त छूट का उठाया लाभ।
● नेशनल लोक अदालत हेतु विद्युत, नगरपालिका एवं बी.एस.एन.एल. के प्रकरणों में विभागों द्वारा नियमानुसार छूट दी गई।

       नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशगण एवं सभी अभिभाषक बंधुओं जिला प्रशासन पत्रकार बंधुओं जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टाफ के सहयोग से सम्पन्न हुई। रजनीश चैरसिया जिला विधिक सहायता अधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त किया है।