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मंगलवार, 10 सितंबर 2019

पन्ना टाइगर रिजर्व को मिली बड़ी कामयाबी।

पन्ना टाइगर रिजर्व को मिली बड़ी कामयाबी।

48 घण्टो के भीतर रेस्क्यू के बाद पकड़ा गया तेंदुआ।

दहशत में था शहर,अब चिंताये हुई मुक्त।




//नरेंद्र अहिरवार,खिलान पटेल//

ब्यूरो दमोह। सोमवार की दरमियानी रात करीब 2:35 पर तेंदुए ने शहर में शिरकत की जिसे रात्रि गस्त पर निकले पुलिस आरक्षक आकाश पाठक ने देख लिया था साथ ही उसका पीछा करते हुए नगर पालिका टाऊन हॉल स्थित कुएं के पास से भागते हुए पूंछ लटकते हुए विडिओ भी बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
लेकिन वह जानवर कोई तेंदुआ था या कोई जगली जानवर उसकी पुष्टि नहीं कर पाया था इसलिए उक्त घटना की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बाद बड़ी मात्रा में शहर के विभिन्न प्रशासनिक आला अधिकारी व वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और स्थल का मुआयना किया था। जहां तेंदुए के पद चिन्ह पाए जाने पर तेंदुए के होने की पुष्टि वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कर दी गई थी।
लेकिन प्रथम दिवस पन्ना टाइगर रिजर्व से आईं वर्ल्ड लाइफ टीम को भरी मसक्कत के बाद भी हांथ खाली ही रहे लेकिन शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए। विभिन्न स्थानों पर रात्रि गस्त करते हुए पुलिस विभाग का पर्याप्त बल मौजूद रहा।
 लेकिन सुबह सूचना प्राप्त हुई, की सघन वस्टी भरे इलाके असाटी वार्ड में स्थित आटा चलकी में तेंदुए के होने की सूचना प्राप्त हुई। जहां मौजूद लोगों ने दुकान को खोला तो वह तेंदुए को देख कर हक्के बक्के रह गए तेंदुए ने भागते हुए दुकान संचालक व एक बच्ची को पैर के पंजे मारते हुए घायल कर निकाल गया। जिसकी सूचना कोतवाली पुलिस व पुलिस के द्वारा वनविभाग की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने घंटों मस्सक्कत की जो तेंदुआ घरों के ऊपर से छलांग लगाते हुए अन्य घर में पहुंच गया। जिसकी जानकारी लगते ही वन विभाग की पन्ना टाइगर रिजर्व से पहुंची टीम ने 4 घंटे रेस्क्यूब चलाया।
साथ ही करंट लोकेशन ना मिल पाने पर ड्रोन कैमरे की भी मदद ली हैं। लेकिन ड्रोन कैमरे से किसी भी तरह की सफलता प्राप्त नहीं हुई। अंततः घाटों छकाने के बाद टीम को बंद कमरे में निशाना लगते हुए बेहिसी का इंजेक्शन लगाने में सफलता प्राप्त हुई। और बंद कमरे से निकलते ही लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। जब पुलिस व वनविभाग की टीम ने तेंदुए को गाड़ी में डाला और सीधे पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए रवाना हो गए। तब कहीं जाकर आम नागरिकों के साथ - साथ प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। जिसमे मुख्य रूप से रेस्क्यूब के दौरान मौजूद एडीएम रविन्द्र चौकसे, एडिश्नल एसपी विवेक कुमार लाल, सीएसओ मुकेश अबिद्रा, कोतवाली टी आई एच आर पांडे, व तेंदुए को सबसे पहले देखने वाले आरक्षक आकाश पाठक के साथ विभिन्न पुलिस एवं वनविभाग की टीम का तेंदुए को सफलता पूर्वक पकड़ने में सराहनीय सहयोग रहा।