छतरपुर। वकीलो ने दी जिले की अदालतों के बहिष्कार की चेतावनी।
//संदीप यादव//
छतरपुर। विगत रोज अदालत में एक वकील हिमांशु चौरसिया एवं चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती नोरिन निगम के पति व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रशांत निगम के बीच हुई कहासुनी के बाद कोतवाली पुलिस ने प्रशांत निगम की शिकायत पर वकील हिमांशु चौरसिया के विरूद्ध गाली-गलौच एवं जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कर ली थी।वकील के विरूद्ध हुई इस एफआईआर के बाद बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ भडक़ उठा।
अधिवक्ता संघ के बैनर तले वकीलों ने जिला अपर सत्र न्यायाधीश अरूण कुमार शर्मा सहित जबलपुर हाईकोर्ट के जज, राज्य अधिवक्ता परिषद एवं रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजे।
इन पत्रों में कहा गया है कि न्यायाधीश नोरिन निगम एवं उनके पति प्रशांत निगम का व्यवहार वकीलों के साथ ठीक नहीं है जब तक उन्हें छतरपुर से हटाया नहीं जाता तब तक सभी वकील नोरिन निगम की अदालत का बहिष्कार करेंगे।
कार्यवाही के लिए 22 सितम्बर तक का अल्टीमेटम भी दिया गया है। यदि 22 सितम्बर तक न्यायाधीश को नहीं हटाया गया तो वकीलों ने जिले की सभी अदालतों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि एक वकील के विरूद्ध द्वेषभावना से एफआईआर कराने का यह कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीते रोज न्यायाधीश नोरिन निगम की अदालत से जैसे ही रेप के एक आरोपी ओमकार अहिरवार को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी तभी उसने छिपाकर लाई गई चाकू से अपना गला रेत लिया था। इस घटना के बाद वकीलों और न्यायाधीश के पति प्रशांत निगम के बीच कहासुनी हुई थी। इस विवाद के दौरान एसपी तिलक सिंह भी मौके पर मौजूद थे।