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मंगलवार, 17 सितंबर 2019

छात्रों को बताया तर्क-शक्ति का खास मंत्र।

छात्रों को बताया तर्क-शक्ति का खास मंत्र।


//रूपेश जैन(7247230761)//

ब्यूरो छत्तरपुर।  शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के निर्देश अनुसार गणितीय क्षमता एवं तर्कशक्ति का विकास विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ एल एल कोरी ने की,विषय विशेषज्ञ के रूप में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ए के सक्सेना, डॉ बीएल कुमार, डॉ आर के पांडे, के बी अहिरवार, डॉ राजू अहिरवाल, डॉ जे पी मिश्रा ने मंच को गरिमा प्रदान की।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉक्टर जेपी शाक्य ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रोफ़ेसर एवं छात्र छात्राओं ने फूल मालाओं से अतिथियों का स्वागत किया।
 विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ शाक्य ने कहा कि आज का युग कंपटीशन का युग है ।प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षाओं में गणितीय क्षमता एवं तर्कशक्ति के अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं। अच्छे गणित के बिना गणना का कार्य असंभव है। तो वही अच्छी तर्कशक्ति के बिना मानसिक स्तर का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है। डॉ बीएल कुमार ने कहा कि किसी आकृति में संख्या मैट्रिक्स के अंतर्गत प्रश्नों मैं कुछ संख्याएं किसी विशेष नियम के तहत व्यवस्थित होती हैं। यदि आपको नियम ज्ञात है तो ही लुप्त संख्या का ज्ञात कर सकते हैं | गणितीय संक्रियाएं एवं गणितीय ज्ञान से हम तर्कशक्ति परीक्षा में प्रयोग करते हैं।
गणितीय नियमों से तात्पर्य सरलीकरण, औसत, अनुपात, साझेदारी, प्रतिशत, लाभ हानि, ब्याज, क्षेत्रमिति, आयतन, आदि से संबंधित नियमों का ज्ञान से है।
डॉ आर के पांडे ने कहा गणित के बिना प्रमाण नहीं बनता और प्रमाण तर्कशक्ति से प्राप्त होते हैं | तर्क चिंतन से आता है।
तर्कशक्ति के बिना गणित हल नहीं किया जा सकता | डॉ ए के सक्सेना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैदिक गणित से हम बड़ी से बड़ी गणनाओं को शीघ्र एवं सही हल कर सकते हैं वैदिक गणित में शास्त्र, वेद, पुराणों, एवं ऋषि-मुनियों द्वारा गणित की गणना के सरल सूत्र बताए गए हैं जिसके पालन करने से गणित की गणनाओं को सरलता से हल कर सकते हैं यह सूत्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायक हैं अतः गणित में सूत्रों का विशेष महत्व है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉक्टर एल एल कोरी ने कहा कि जीवन में गणित एवं तर्कशक्ति का विशेष महत्व है | मनुष्य का अधिकांश ज्ञान गणित और तर्कशक्ति पर आधारित है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को गणित के सामान्य नियम ज्ञात होना चाहिए।
इस अवसर पर 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने गणित और तर्कशक्ति के विभिन्न नियमों को समझा | कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ जेपी शाक्य ने किया।