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शनिवार, 14 सितंबर 2019

गैर-अनुभवी धड़ल्ले से कर रहे दवाइयों की बिक्री।

गैर-अनुभवी धड़ल्ले से कर रहे दवाइयों की बिक्री।


सैकडो रूपयो की दवाई लेने के बाद भी भी नहीं देते पक्का बिल।


//नरेंद्र अहिरवार//

दमोह। जिले की सीमा से लगभग महज 20 किलोमीटर दूर बटियागढ ब्लाक अंतर्गत मगरोन मे मेडीकल में प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर बिक रही दवाईया , तो वही  विना अनुभव बाले कम पढे लिखे लडको से बिकवा रहे हैं तथा दवाईया बिना बिल के दे रहे हैं दवाईया जिससे हजारो रूपये का टैक्स भी मेडीकल संचालको द्वारा बचाया जा रहा है। इन मेडीकलो पर बोर्ड पर न तो रजिस्ट्रेशन नम्वर अंकित है। कि आखिर किसके नाम से यह मेडीकल संचालित हो रहे हैं अतः अंदाजा लगाना मुश्किल पड रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बटियागढ ब्लाक के मगरोन गांव में मेडीकलो पर लूट मची हुई है नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि संचालित मेडीकल  मगरोन, फतेहपुर दोनो मेडीकल पर कम पढे लिखे लडको से मेडीकल चलवाये जा रहे हैं फतेहपुर मेडीकल पर तो एक महीने से नया लडका दवाई वितरण कर रहा है जब लडके से जानकारी ली तो बताया कि मे एक माह से दवाईयो के बारे में जानकारी ले रहा हूँ व सीख रहा हूँ मगरोन मे व फतेहपुर मे मेडीकल पर गांव की भोली भाली जनता को अधिक रेट पर दवाईया दी जा रही है व मेडीकल पर विना अनुभव के लडको से दवाईयो की बिक्री करवाई जा रही है जिससे बडी अनहोनी का हमेशा अंदेशा बना रहता है! लोगो द्वारा सेकडो रूपये की दबाई खरीदने पर भी पक्का बिल नही दिया जा रहा है। जिससे हजारो रूपये के टैक्स की चपत शासन प्रशासन को मेडिकल संचालकों द्वारा लग रही है।
 मुख्य बात तो यह है कि मेडिकल जो संचालित है तो मेडिकल पर कहीं पर भी लाइसेंस नंबर नजर नहीं आ रहे भोली भाली जनता को निशाना साधते हुए मेडिकल संचालक धूम मचा हुए हैं।

इनका कहना है कि....

हम मेडीकल पर छापा मार सकते हैं लेकिन हमारे साथ ड्रग इंस्पेक्टर साथ मे होना चाहिए मै नोटिस जारी करता हूँ कि मेडीकल का किसके नाम से लाईसेंस है।