बुंदेलखंड है धरोहरों का घर,इसे सवारना ही है मुख्य जिम्मेदारी।
रानी दयंमती पुरातत्व संग्रालय पहुंचा केंद्रीय अमला।
//नरेंद्र अहिरवार//
ब्यूरो दमोह। जनभावनाओ के अनुसार और आप सबके लगातार सत्त प्रयास के बाद ही रूकमणी माता यहां आ पायी है, यह दमोह जिले के लिए बड़े गर्व की बात है, आगे हमारा प्रयास माता रूकमणी का उनके स्थान पर स्थापना रहेगा, इसके लिए वैधानिक कार्रवाही कर यहां पहुँचाई है, हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है माता रूकमणी का स्थान सुरक्षित बनाये। इस आशय की बात आज केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रहलाद पटैल ने स्थानीय रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय मे कही। इस अवसर पर विधायक हटा पी एल तंतवाए, विधायक जबेरा धर्मेन्द्र सिंह लोधी, नगरपालिका अध्यक्ष मालती आसाटी, सांसद प्रतिनिधि आलोक गोस्वामी, भाजपा अध्यक्ष देव नारायण श्रीवास्तव, अनुपम सोनी, सहित अन्य मीडियाजन प्रतिनिधि मौजूद रहे।उन्होने कहा माता रूकमणी की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जायेगा जिसके लिए एएसआई एवं सरकार प्रयासरत है। श्री पटेल ने कहा यह दमोह जिले के लिए गर्व की बात है जो आपके पास पुरातात्विक धरोहर है वह देश के चुनिंदा जिलों के पास ही होगा। उन्होने 10-11 शताब्दी की हेग्रीव प्रतिमा का उल्लेख करते हुये कहा तिरूपती मे इसका मंदिर है लेकिन प्रतिमा नही है, यह एक अमुल्य धरोहर है, जो देश के किसी जिले के पास शायद ही हो। आप सौभाग्यशाली है कि दमोह जिले मे हेग्रीव की प्रतिमा है इसके लिए हमसबको गर्व होना चाहिए। इस प्रतिमा का होना इस बात का प्रतीक है कि वेदांत के जितने भी श्रेष्ठ कारण है वे है यह प्रतिमा इस बात का प्रतीक है।

