डॉक्टरों के मनमाने रवैयों के चलते अस्पताल के हालात ढीले...चिकित्सा व्यवस्था से हो रही खिलबाड़।
//दिलीप अग्रवाल,विन्द्रावन विश्वकर्मा//
बड़ामलहरा/घुवारा/भगवा(छतरपुर)। वि.खं. अंतर्गत भगवां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्यालय में पदस्थ चिकित्सक अस्पताल मुख्यालय में नही रहते जिससे,मरीजो को रात में आपातकालीन सेवाएं नहीं मिल पा रही है। विभागीय व्यवस्था से मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।स्वास्थ विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों को मजबूरन झोला छाप डॉक्टरों के पास इलाज कराना पड़ता है। साथ ही, इलाज के नाम पर दवाओं के ओने पौने दाम चुकाने पड़ते है। पिछले दिनों रामटोरिया में भी डॉक्टर नदारद होने का मामला आया था। अस्पताल में ताला जड़ा होनें से अस्पताल के दरवाजे पर ही महिला का प्रसव हो गया था और महिला की जान पर बन आयी थी। मामले को लेकर विभाग की किरकिरी हुई थी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवां के भी कुछ इसी प्रकार के हालात है। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। रमेश लोधी निवासी भगवां, मुन्ना पाल हरीनगर, मुन्नी लाल सेन पेट दर्द चक्कर उल्टी की बीमारी से ग्रस्त था और आरोग्यम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवां में इलाज कराने गया था। अस्पताल में सिर्फ स्टॉफ नर्स व महिला स्वीपर ही ड्यूटी पर मिली जबकि दो डॉक्टर डॉ मोहित राजपूत, डॉ विकेश असाटी में से एक भी डॉक्टर ड्यूटी पर नही मिला। मजबूरन उन्हें झोला छाप डॉक्टर से इलाज कराना पड़ा। साथ ही अस्पताल परिसर में सीसीटीव्ही कैमरे भी नही लगाए गए है ऐसे में महिला मरीजो व ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे चल रही है।