बक्सवाहा(छतरपुर)। केंद्र सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान का देश में व्यापक रूप से असर देखा जा रहा है तो वहीं प्रदेश का इंदौर भी स्वच्छता एवं सफाई के सर्वेक्षण पर प्रथम पायदान पर बना हुआ है।
अतः सरकारों की मंशा है कि देश से जुड़ने वाले सभी राज्य शहर नगर एवं गांव साफ एवं स्वच्छ हो तथा इसके लिए बजट में खास प्रावधान करके पैसा भी बहाया जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस अभी भी बने हुए हैं तो वहीं कुछ स्थानों पर महज औपचारिकताएं ही सामने आती हैं।
● यह तस्वीरें बता देती हैं हकीकत।
सामान्य रूप से तो प्रत्येक नगरों इलाकों में ऐसी तस्वीरें देखी जाएंगे मगर यह तस्वीरें साफ सफाई के नाम पर पोल खोलने वाली नगर परिषद बक्सवाहा के शासकीय डिग्री कॉलेज के समीप ही कचरे के अंबार की हैं आपको बता दें कि यह कचरे का अंबार डिग्री कॉलेज से महज 100 मीटर की दूरी पर ही स्थित है।
● कचरे के ढेर में कचरे का डिब्बा।
कचरे के ढेर में पड़े हुए यह डिब्बे नगर परिषद के कर्मचारियों की उदासीनता को दर्शाते हैं आपको बता दें कि वार्डो के प्रत्येक घरों से एकत्रित होने वाले कचरे के लिए इन डिब्बों का प्रावधान किया गया था मगर जब डिब्बे ही कचड़े में पड़े हो तो सामान्य सी बात है कि कचरा फेंकने का साधन ही नहीं है।
● मात्र तीन कचरा गाड़ी से एकत्रित होता है कचरा।
प्रतिदिन कचड़े को एकत्रित करने के लिए मात्र तीन कचरा वाहन है तथा यह कचरा गाड़ी दो-चार दिन में विभिन्न जगहों से एक बार ही निकलती है जो सिर्फ सुबह के समय ही एक बार निकलती है जिससे नगर परिषद की उदासीनता साफ रूप से सामने आती है , लेकिन हमारा सुझाव यह है कि अगर प्रत्येक वार्ड में कचरे के डिब्बे रखे जाएं एवं कचरा गाड़ी दिन में सुबह तथा शाम को चलाई जाए तो नगर स्वच्छता के ग्रेड पर ऊपर पहुंचेगा।




