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गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

आज बिस्कुट का पैकेट कहीं ना कहीं मेरे जीवन में हमेशा हमेशा याद बना रहेगा : भूमिपुत्र पवन



नेटवर्क टीकमगढ़। आज 23/4/2020 सुबह 8:00 बजे मैं अपने घर से सब्जी लेने जिसमें खासकर गिलकी लेना थी क्योंकि यह ताजी गिलकी एक दिन पूर्व किल के मैदान के पास किलकारी दुकान के सामने एक किसान महिला बेच रही थी वही जाने का मन हुआ ,जैसे ही मैं जवाहर चौक से आगे बढ़ते हुआ बाटा जुता की दुकान के करीब पहुंचा तो वहां एक सब्जी वाला ठेला खड़ा था *जिससे एक सज्जन जोर से बोल रहे थे भाई कुछ खाने को है, उसने बोला हां पपीता है बोला जल्दी काट कर देना शुगर से परेशान हूँ इतने में मैंने उससे पूछा कि भाई क्या बात है बोले यार मेरी शुगर बढ़ रही है मैं सुबह बगैर नाश्ते के सब्जी लेने निकल आया लेकिन लाकडॉउन की वजह से कहीं कुछ खाने को नहीं मिला और मैं दुकानों पर बिस्कुट भी देख रहा था लेकिन दुकानों पर बिस्कुट नहीं मिल पाया।
संयोग कहें या समय अनुसार भावना मैं अपनी जेब में सुबह जब भी घर से अब लाँकडाउन के बीच निकलता हूं तो निश्चित  बिस्कुट के पैकेट डाल लेता हूं ताकि किसी के उपयोग में ला सकूं।
 क्योंकि वर्तमान समय में जानवरों को कुछ खिलाने का प्रयास करता हूँ, अतः वह बिस्कुट के पैकेट मेरी जेब में रखी थी मैंने तुरंत निकाल कर श्री सज्जन भाई को दिए बिस्कुट के पैकेट देख वह बहुत ही प्रसन्न हुए ,ठेले वाले ने कहा कि भाई यह पवन घुवारा है  बिस्कुट के पैकेट के पैसे नहीं लेंगे क्योंकि वह श्रीसज्जन जी मध्यम वर्ग  परिवार से रहे मोटरसाइकिल से थे ..हे ईश्वर तुम्हें नमन...आज बिस्कुट का पैकेट कहीं ना कहीं मेरे जीवन में हमेशा हमेशा याद बना रहेगा।