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शुक्रवार, 1 मई 2020

कोरोना के बीच मजदूर दिवस पर बधाई देने काअवसर तो नहीं है परंतु श्रमिक अपनों के पास घर सुरक्षित पहुँच पाएं :पवनघुवारा


नेटवर्क टीकमगढ़। विश्व श्रमिक दिवस - १ मई 2020 देश के निर्माण में अमूल्य  योगदान देने वाले मेहनतकश और स्वाभिमानी श्रमिकों को भूमिपुत्र पवनघुवारा ने कियाँ नमन !
हम तो मजबूर हैं मजदूर हैं मुफलिस हैं मियां
हमसे हरगिज़ न जमानें से बगावत होगी।संयम और सहना मजदूर की आदत है।मजदूरों श्रमिक वर्ग की तकदीर में ऐसा एक मई भी आना था। पवनघुवारा ने दुखद मन से याद करते हुए कहा कि इस साल कोरोनाकाल में एक अलग तरह का ‘श्रमिक दिवस’ है. देश के कई राज्यों में मज़दूर घरों से दूर बिना काम और पैसे के परेशान हैं, इस वजह से इस साल, अब खोने को क्या बचा है, और पाने को भी क्या सिवाय लॉक-डाउन के! ये कामना तो हम कर ही सकते हैं.इस दिन किसी शुभकामना या बधाई देने का अवसर तो नहीं है परंतु श्रमिक अपनों के पास घर सुरक्षित पहुँच पाएं।