//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। कोरोनावायरस संक्रमण काल में भारत सहित संपूर्ण विश्व में उथल-पुथल मची हुई है जहां देखो वहां लॉक डाउन है ऐसी वैश्विक विपत्ति के समय में पूरी दुनिया को जिस शासन की पवित्र अहिंसा के साथ शाकाहार,सदाचार,नैतिकता एवं भक्त से भगवान बनने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं । पंडित हुकम चंद भारिल के साथ पंडित टोडरमल स्मारक की अर्हम पाठशाला एवं स्मारक,ध्रुवधाम,कोटा,शाश्वतधाम के 300 युवा विद्वान जिनके अथक प्रयासों से भारत सहित पूरे विश्व के 25 देश भारत के 25 प्रांतों के 13,126 विद्यार्थियों एवं हजारों अभिभावकों की विशेष उपस्थिति में आठ दिवसीय जैन ई शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। नीलेश शास्त्री के द्वारा बताया गया कि रविवार को पूरे विश्व की गरिमामय उपस्थिति में शिक्षण शिविर का डिजिटल भव्य शुभारंभ हुआ। जिसकी अध्यक्षता डॉ हुकमचंद भारिल्ल ने की जिनके साथ मुख्य अतिथि के रुप में खारा जी यूएसए,प्रेमचंद बजाज कोटा,संजय दीवान सूरत के साथ विद्वत वर्ग सर्वश्री डॉ शांति कुमार पाटिल, पंडित पीयूष शास्त्री जयपुर,पंडित विपिन शास्त्री नागपुर, पंडित विराग शास्त्री जबलपुर, पंडित धर्मेंद्र शास्त्री कोटा के साथ अन्य विद्वान एवं श्रेष्ठीगण उपस्थित थे।सभा का शुभारंभ सत्पुरुष गुरुदेव श्री कानजी स्वामी की मंगलमय वाणी से हुआ। पश्चात मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष डॉ ने संस्कारों के बीजारोपण के लिए शिक्षण शिविर की आवश्यकता बताकर आयोजक मंडल की पूरी टीम गुरुजनों सहित पूरे विश्व के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। सभा का कुशल संचालन युवा विद्वान डॉक्टर संजीव गोधा जयपुर ने किया। इस अवसर पर पंडित सुदीप शास्त्री एवं पंडित ज्ञायक शास्त्री मुंबई ने शिविर की संपूर्ण टेक्निकल रूपरेखा से अवगत करा कर सफल आयोजन की बधाई दी। इस शिविर में कुल 25 देश सम्मिलित हुए।आकाश शास्त्री ने बताया कि शिविर में भारत सहित यूएसए, यूएई ,कनाडा, नेपाल, सिंगापुर ,इंग्लैंड, फ्रांस ,ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, पोलैंड ,इंग्लैंड, इटली ,जर्मनी, वेस्ट अफ्रीका ,कतर, बेल्जियम, न्यूजीलैंड,नैरोबी, केन्या आदि देश के 13,126 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जो स्मारक सहित भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।अर्हम पाठशाला द्वारा आयोजित इस जैन शिक्षण शिविर के सफल आयोजन हेतु पूरे विश्व से शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। शिविर में मध्य प्रदेश के 4219 ,महाराष्ट्र के 3211 ,राजस्थान के 1437 ,उत्तर प्रदेश के 997, गुजरात के 776 ,तमिलनाडु के 694 ,दिल्ली के 668 ,कर्नाटक की 382 एवं अन्य राज्यों के मिलकर कुल 13,126 विद्यार्थी 6 भाषाओं में आगामी 17 मई तक नैतिक शिक्षा जैन दर्शन के साथ भगवान बनने की कला सीखेंगे। घुवारा से नीलेश शास्त्री अध्यापक के रूप में सम्मिलित हुए।