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शुक्रवार, 26 जून 2020

पन्ना। "दो पीड़ित पत्नियों को मिला एक साथ न्याय" फिर से हुए एक हुये दो बिछड़े परिवार...जानिए पूरी खबर।

//रमेश अग्रवाल//
नेटवर्क पन्ना। पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा जिले में हो रहे परिवार विघटन के मामलों को सुलझाने को लेकर उनके द्वारा बड़ी ही सावधानी बरती जा रही है और ऐसे रिश्तो में बड़ा विवाद ना हो इसको लेकर उनके द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को नव दंपत्ति के मामलों की सुनवाई हेतु पुलिस लाइन पन्ना में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
जिसकी हर समय निगरानी पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी द्वारा स्वयं की जाती है। जिनके प्रयासों से आज पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से कई टूटे हुए रिश्ते बरसों के बाद एक हो रहे हैं।
साथ ही कोर्ट कचहरी में होने वाले अनावश्यक खर्चों से बचाया जा रहा है। ऐसा ही मामला पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के सब्दुआ एवं पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के जनवार ग्राम के सामने आए हैं।  पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक श्रीमती नजमुन निशा ने जानकारी देते हुए बताया कि अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम शब्दुआ निवासी एक नवविवाहित महिला के विगत चार-पांच वर्ष से विवाह उपरांत एक भी बच्चा ना होने के चलते सास ससुर पति ननंद द्वारा ताने मार कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था।
इसी बात को लेकर पत्नी अपने मायके में आकर के रहने लगी थी। जिसके बाद पीड़िता द्वारा शिकायती आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक पन्ना के समक्ष दिया गया था। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा शिकायती आवेदन पत्र को बड़े ही गम्भीरता से लिया गया तथा सुनवाई हेतु पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में भेजा गया । जहां पर केंद्र की प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक नजमुन निशा द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई। जिसके बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और पत्नी का उपचार कराने का आश्वासन पति द्वारा दिया गया। साथ ही आगे किसी भी प्रकार से परेशान ना करने की बात कही गयी। इसके बाद शब्दुआ निवासी पीड़ित नव विवाहित महिला अपने ससुराल में रहने के लिए राजी हो गई।
 इसके साथ ही पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम जनवार निवासी एक आदिवासी महिला का पति अत्यधिक शराबी था जिसको लेकर आए दिन बाद विवाद होते थे। पीड़ित महिला द्वारा आवेदन पुलिस अधीक्षक पन्ना को दिया गया था। जिस पर परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक नजमुन निशा एवं काउंसलर श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता श्रीमती उमा यादव द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की गई। जिसके बाद पीड़ित पति द्वारा आगे से शराब छोड़ने का भरोसा दिया गया तथा परेशान ना करने की बात कही गई। इसके बाद पति-पत्नी पुनः एक साथ रहने के लिए राजी हो गये।  2 दिन में दोनों प्रकरणों   की सुलह मैं परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी श्रीमती नजमुन निशा एवं काउंसलर श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता श्रीमती उमा यादव का सराहनीय योगदान रहा है।