//रत्नेश रागी//
ब्यूरो छतरपुर। छतरपुर जिले में संचालित परियोजना जेंडर आधारित हिंसा को कम करने के लिए यूएनएफपीए के वित्तीय सहयोग से समर्थन संस्था के द्वारा वर्तमान में महिला हिंसा के केस कोविड़-19 के दौरान लगातार बढ़ रहे हैं। घटता लिंगानुपात एवं लगातार हिंसा की वारदातें दिन प्रतिदिन चरम पर है, इसी संदर्भ में आज के वेबीनार किया गया जिसकी रूपरेखा इस प्रकार है।
विषय :- जेंडर आधार हिंसा को कम करने हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला एवं परिचर्चा।
बैठक का आयोजन समर्थन संस्था एवं महिला बाल विकास के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत मैं प्रथम सत्र- कन्या पूजन, सरस्वती वंदना एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत अभिनंदन किया गया।
वेबीनार का संचालन ज्ञानेंद्र तिवारी ने किया।
पूरे वेबीनार को छह सत्रों में विभाजित किया गया और अलग-अलग विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी।
द्वितीय सत्र-जेंडर आधारित हिंसा परियोजना के बारे में संक्षिप्त परिचय, उद्देश्य, गतिविधि और समर्थन संस्था की भूमिका। राज्य इकाई से श्रद्धा कुमार,
पंकज पांडे ने अपनी बात विस्तार से रखी।
तृतीय सत्र-घरेलू हिंसा अधिनियम कानून हिंसा के प्रकरण समस्या और समाधान कैसे करें।
वन स्टॉप सेंटर की संरक्षण अधिकारी प्राची सिंह ने विस्तार से जानकारी प्रदान की।
चतुर्थ सत्र-महिला बाल विकास के कार्यक्रम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और हिंसा मुक्त समाज की कल्पना हम कैसे कर सकते हैं परियोजना अधिकारी हेमलता ठाकुर बक्सवाहा ने प्रस्तुतीकरण किया।
पंचम सत्र- हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए कानूनन प्रावधानों पर चर्चा रमन जैन एडवोकेट ने की और हर संभव मदद के लिए सहमति दी।
षष्टम सत्र-खुला सत्र, वेबीनार से निकले मुद्दे, आगामी रणनीति आभार समापन। राजेश यादव के द्वारा किया गया।
इस वेबीनार में महिला बाल विकास के सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर,स्वयंसेवी संस्थाओं से प्रतिभागी, महिला पंचायत प्रतिनिधि, एडवोकेट, पुलिस विभाग से अधिकारी एवं समर्थन संस्था के सभी बीसी शामिल रहे।