//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
ब्यूरो छतरपुर। जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आज 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को दोपहर 3 बजे सौंपा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने ज्ञापन में निम्रलिखित मांगे रखी। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहिनों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए एवं सामाजिक सुरक्षा दी जाए।आंगनबाड़ी कार्यरत कर्मचारियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 18 हजार व सहायिका को 9 हजार रुपए का भुगतान किया जाए।नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों को ई प्राइमरी स्कूल में बदलने व उसमें कार्यरत कार्यकर्ताओं को प्री प्राइमरी टीचर व सहायिका को अस्सिटेंड टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार प्रशिक्षण देकर किया जाए। इसके अलावा शासकीय कर्मचारियों को जो सुविधाएं दी जाती हैं वह सभी सुविधाएं दी जाएं। मोबाइल हेतु 10 हजार की राशि का भुगतान किया जाए। उप्र सरकार की तरह मप्र सरकार में कार्यकर्ताओं को अनुभव के आधार पर सीधे पर्यवेक्षक के पद पर पदोन्नति दी जाए। आंगनबाड़ी जिलाध्यक्ष सुनीता रजक ने आज सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा। जिला पंचायत के कार्यालय के सामने टेंट लगाकर अपनी मांगों को लेकर कुछ देर के लिए धरना प्रदर्शन भी किया।