ब्यूरो छतरपुर। नाबालिग को शादी का झांसा देकर बलात्संग करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बिजावर की न्यायालय ने आरोपी को 20 साल कठोर कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी ने थाना बिजावर उपस्थित होकर रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 14 दिसम्बर 2018 को वह मजदूरी करने गया था उसकी पत्नी ने शाम 04ः30 बजे उसे फोन पर बताया कि पीड़िता स्कूल से वापस घर नहीं आई है उसे देख लो तो उसने स्कूल जाकर पता लगाया तो वहां मास्टर ने बताया कि तुम्हारी लड़की/पीड़िता आज स्कूल नहीं आई है। तो उसने सभी जगह पीड़िता की तलाश की लेकिन पीड़िता का कहीं पता नहीं चला। उसे शक है कि आरोपी राममिलन कुशवाहा जो उसके घर आता जाता था वही पीड़िता को बहला फुसलाकर भगा ले गया हो। फरियादी की उक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर आरोपी राममिलन कुशवाहा के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। दौरान विवेचना पीडिता के दस्तयाब होने पर उसने बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गये था और वहां उसके साथ बलात्संग किया। संपूर्ण विवेचना उपरांत मामला न्यायालय में पेश किया गया।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ अजय कुमार मिश्र ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बिजावर, श्रीमती निशा गुप्ता, की अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376(3) में 20 साल कठोर कैद एवं 5000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी ने थाना बिजावर उपस्थित होकर रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 14 दिसम्बर 2018 को वह मजदूरी करने गया था उसकी पत्नी ने शाम 04ः30 बजे उसे फोन पर बताया कि पीड़िता स्कूल से वापस घर नहीं आई है उसे देख लो तो उसने स्कूल जाकर पता लगाया तो वहां मास्टर ने बताया कि तुम्हारी लड़की/पीड़िता आज स्कूल नहीं आई है। तो उसने सभी जगह पीड़िता की तलाश की लेकिन पीड़िता का कहीं पता नहीं चला। उसे शक है कि आरोपी राममिलन कुशवाहा जो उसके घर आता जाता था वही पीड़िता को बहला फुसलाकर भगा ले गया हो। फरियादी की उक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर आरोपी राममिलन कुशवाहा के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। दौरान विवेचना पीडिता के दस्तयाब होने पर उसने बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गये था और वहां उसके साथ बलात्संग किया। संपूर्ण विवेचना उपरांत मामला न्यायालय में पेश किया गया।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ अजय कुमार मिश्र ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बिजावर, श्रीमती निशा गुप्ता, की अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376(3) में 20 साल कठोर कैद एवं 5000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।