मुनिराजों के मंगल सानिध्य में हर्षोल्लास से मनाया गया महावीर जन्म कल्याणक
//सौरभ जैन//
बक्सवाहा(छतरपुर)। जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का २६२२ वां जन्मोत्सव बड़ी ही धूमधाम से बक्सवाहा नगर में मनाया गया।
भगवान महावीर के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमे सोमवार को प्रातः 5 बजे प्रभात फेरी निकली गई. वहीं पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विधान का आयोजन किया गया साथ ही दोपहर 02 बजे जैन मंदिरों से गाजेबाजे और दिव्यघोष के साथ मुनि श्रीं 108 साक्ष्य सागर और मुनि श्रीं 108 निर्वित सागर के मंगल सानिध्य में विशाल शोभायात्रा बक्सवाहा के मुख्य मार्गों से निकाली गई। इस बीच भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा का जगह जगह श्रद्धालुओ ने स्वागत किया नगर में जगह - जगह स्वागत द्वार लगाए गए. सभी श्रद्धालुओं ने अपने - अपने घरों के सामने रंगोली सजाई और भगवान की आरती उतार कर धर्म लाभ अर्जित किया. शोभायात्रा दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होते हुए गांधी चबूतरा स्थित पंडाल पहुँची जहाँ भगवान महावीर स्वामी का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया. अभिषेक उपरांत मुनि श्री के मंगल प्रबचन सुन श्रद्धालुओ ने धर्मलाभ अर्जित किया. प्रबचन उपरांत गाजेबाजे, दिव्यघोष भजन कीर्तन मंडली के साथ भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा बस स्टैंड, बड़ा बाजार होते हुए पुनः दिगम्बर जैन मंदिर पहुँची इस दौरान शोभायात्रा में बड़ी तादाद में श्रद्धलुओं की उपस्थिति रही।
यह है महावीर जयंती का महत्व
जैन संप्रदाय के लोगों के लिए महावीर जयंती का पर्व महावीर जन्मकल्याणक के रूप में बहुत ही खास तरह से मनाया जाता है। महावीर जयंती के दिवस पर जैन धर्म के लोग प्रभात फेरी, अनुष्ठान और शोभायात्रा निकालते हैं। उल्लेखनीय है कि भगवान महावीर ने मोक्ष प्राप्त करने के लिए मनुष्यों के लिए पांच नियम स्थापित किए, जिन्हें हम पंच सिद्धांत के नाम से जानते हैं। ये पांच सिद्धांत हैं- अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, सत्य और अपरिग्रह।
महावीर जयंती के दिन भगवान महावीर की पूजा की जाती है और उनके दिए गए उपदेशों को स्मरण करके उनके बताए गए सिद्धांतों पर चलने का प्रयास किया जाता है। साथ ही इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।