//रूपेश जैन (7247230761)//
नेटवर्क छतरपुर। शास. महाराजा कॉलेज, छतरपुर में सेवानिवृत शिक्षकों के शब्दसुमनों से ऑनलाइन सम्मान हेतु प्राचार्य डॉ डी पी शुक्ला के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में शिक्षक दिवस के अवसर पर 05 सितांबर को 'नई शिक्षा नीति' एवं 'हमारे शिक्षक हमारे हीरो' विषय पर एक वेबिनार का सार्थक आयोजन किया गया।इस वेबिनार में अनेक सेवानिवृत्त प्राध्यापकों ने ऑनलाइन सहभागिता कर अपने बहुमूल्य विचार रखे।
वेबिनार के मीडिया कोर्डीनेटर डॉ. एस. पी. जैन ने बताया कि मुख्य वक्ता डॉ. जी. पी. राजौरे (सेवानिवृत प्राचार्य) ने इस अवसर पर नई शिक्षा नीति पर कहा की शिक्षा एवं संस्कृति दो ऐसी धुरियाँ हैं, जिनपर ही मानव विकास आधारित है। नई शिक्षा नीति रोजगारोन्मुख शिक्षा पर आधारित है जिसके तहत विद्यार्थियों को मातृ भाषा मे शिक्षा की स्वतंत्रता देते हुये स्वरोजगार, संस्कृति एवं विज्ञान कि शिक्षा दी जाएगी।उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के परिणाम देश के चहुमुखी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे लेकिन उन्होने साथ में यह भी कहा कि इसकी सफलता संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
अन्य सेवानिवृत शिक्षकों डॉ. बी. पी. पाण्डेय, डॉ .एच. एस. खरे एवं डॉ. जे. के. पौराणिक ने वेबिनार के दूसरे विषय 'हमारे शिक्षक हमारे हीरो' विषय पर विचार रखकर समाज के नैतिक विकास में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक एवं वेबीनार के मुख्य संरक्षक डॉ. एल. एल. कोरी ने सभी प्राध्यापकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.पी. शुक्ला ने ऑनलाइन उपस्थित वेबिनार के सभी प्रतिभागियों का भावभीना शाब्दिक स्वागत किया तथा वेबिनार के समन्वयक डॉ जी पी सिंह ने संचालन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वेबिनार के संयोजक डॉ पी के जैन ने सभी सेवानिवृत प्राचार्यों एवं प्राध्यापकों का शब्दसुमनों से सम्मान किया तथा वेबिनार के आयोजन-सचिव डॉ के बी अहिरवार ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
वेबिनार के सफल आयोजन में डॉ के के गंगेले, डॉ देवेंद्र प्रजापति एवं डॉ हिमांशु अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्यक्रम में डॉ जी सी सिंघई, प्रो के डी त्यागी, डॉ आर के बादल, डॉ एस आर पॉल, डॉ गोविंद सिंह, डॉ एस एस यादव, डॉ एम सी अवस्थी, डॉ आर सी पाठक, डॉ एस सी अग्रवाल, डॉ एस पी यादव, डॉ रंजना चानना, डॉ बी एस राजपूत, डॉ एल सी चौरसिया, प्रो के बी एल सक्सेना, डॉ के एस दाँगी एव डॉ मोहम्मद इजरायल सेवानिवृत प्राध्यापक भी ऑनलाइन उपस्थित रहे।


