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शुक्रवार, 15 मार्च 2024

खजुराहो सांसद बीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र में भ्रष्टाचार की खबर!!...जानिए पूरा मामला।

 रेल्बे अधिग्रहण में हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार परीयोजना में  प्रस्तावित व गैर प्रस्तावित भूमि में अपात्रो को मिला मुआवजा शासन को लगाई  करोडो कि चपत कई कर्मचारी मुआबजा में शामिल



(प्रतीकात्मक फोटो: सभार गूगल)

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

नेटवर्क छतरपुर। जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिकरी में रेल्बे अधिग्रहण में हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार परीयोजना में प्रस्तावित व गैर प्रस्तावित भूमि में अपात्रो को मिला मुआवजा शासन को लगाई करोडो कि चपत कई कर्मचारी मुआबजा में शामिल करके मुआवजा में बड़ी लापरवाही एवं बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है जिसकी शिकायत भी स्थानीय लोगों के द्वारा की गई लेकिन प्रशासन के जिम्मेदारो के कानो में जू तक नहीं रेंग रही है राजनगर ब्लॉक से लेकर जिला तक के कर्मचारियों के नाम मुआवजा में नाम शामिल है जिसकी शिकायत भी की गई है लेकिन किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है इतना ही नहीं रेल्बे अधिग्रहण सीधी सिंगरौली रेलवे लाइन परीयोजना में  प्रस्तावित व गैर प्रस्तावित भूमि में करोडो का भ्रस्टाचार करके शासन को करोडो कि राशि की चपत लगाई जा रही है साथ ही मुआबजा में  कई कर्मचारी मुआबजा में शामिल होने की शिकायत होने के वाबजूद भी राजनगर एसडीएम के द्वारा केवल  खाना पूर्ति की जा रही है नामांतरण के नियमों की बात करें तो 15 दिवस के अंतराल के बाद ही नामांतरण की प्रक्रिया की जाती है लेकिन यहां पर दो दिवस में ही नामांतरण करके मुआवजा की सूची में नाम जोड़ लिया गया है जिन पात्र परिवारों की जमीन अधिग्रहण की जानी थी उनकी जमीनों का अधिग्रहण न करके अपात्र लोगों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया और उनको मुआवजा की सूची में शामिल भी कर लिया गया क्या है ।

क्या है? पूरा मामला

1.खसरा नम्बर 1805/1/2/2 हल्का टिकरी में खसरा का नामांतरण को निरस्त होने  का आदेश एसडीएम राजनगर के द्वारा पालन करने के लिए आदेश क्रमांक 0392/अ 6/21-22 पत्र दिनांक 12 जनवरी 2024 को हल्का पटवारी टिकरी को दिया गया था की सरजू आदिवासी तनय स्वर्गीय हरिदास आदिवासी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी महोदय राजनगर के आदेश का अमल  वर्तमान राजस्व अभिलेख में  कराए जाने एवं प्रकरण में निर्देशाअनुसार कार्यवाही किए जाने एवं वर्तमान खातेदार द्वारा उक्त  भूमि को खुर्द बुर्द एवं विक्रय किए जाने की आशंका होने से एवं वर्तमानराजस्व रिकॉर्ड में  अनुबिभागीय अधिकारी महोदय के द्वारा इस न्यायालय द्वारा स्वीकृत आदेश दिनांक26/08/2021 निरस्त  हो जाने से पुनः  मृतक का नाम दर्ज कर उभय  पक्षकारों को सुनवाई किए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है साथ ही यह बोला गया था की रकवा  क्रमशः 1237, 1771 हेक्टेयर एकत्र रखवा 3.008 हेक्टेयर भूमि से वर्ष 2021-22 की स्थिति के अनुसार मृतक सग्गी  पुत्री हरदास जाति कोदर  का नाम दर्ज किए जाने हेतु हल्का पटवारी टिकरी को आदेशित किया जाता था  लेकिन ऐसा नहीं किया गया जैसे ही यह आदेश एसडीएम महोदय के द्वारा किया गया तो पटवारी ने 60 आरे जमीन तीनो के नाम रजिस्ट्रियां करवा दी गई  आदेश का पालन न करके अन्य व्यक्तियों को इस खसरा नंबर पर रजिस्ट्री करवाने की सलाह भी दे दी और उनके द्वारा रजिस्ट्री कर ली गई नामांतरण में यह दर्शाया गया की राजनगर नामांतरण दिनांक 24/4/ 2023 दिनांक 16/ 3 /2023 के द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन में लेख किया गया है  कि हल्का पटवारी के प्रतिवेदन अनुसार क्रय विक्रय की अनुमति जारी की जाती है मौजूदा प्रकरण में हल्का पटवारी द्वारा प्र प्रसंगत भूमि रेलवे परियोजना में प्रस्तावित ना होना प्रतिवेदित किया गया है और कार्य विपरीत कार्यशैली से किया गया मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 110 के तहत मुताबिक उपरोक्त रजिस्टर्ड  विक्रय पत्र MP06432023A1152283 दिनांक 24/02.2023 के अनुसार मौजा टिकरी स्थित भूमि खसरा नंबर 1731/1 कुल रक्वा  0.995 हेक्टर में से विकृत रकवा 0.060  हेक्टेयर भूमि का नामांतरण कर दिया गया एवं रिकॉर्ड में रिकॉर्ड कर लिया गया  सूची जारी होने के पूर्व में आवेदन कर्ताओं ने हल्का पटवारी टिकरी को 18 जनवरी 2024 को तहसीलदार चंद्रनगर का आदेश भी दिया गया लेकिन उसका पालन न करते हुए लेकिन उसके पश्चात भी जिम्मेदारों ने राजेंद्र पिता राममिलन आदिवासी जितेंद्र पिता राममिलन आदिवासी राममिलन पिता ठाकुरदिन आदिवासी के नाम 20-20 आरे की जमीन मध्य प्रदेश राजपत्र दिनांक 19 जनवरी 2024 की मुआवजा की सूची में शामिल कर लिया गया नामांतरण होने के पश्चात भी  आज भी विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है

दूसरा मामला

राजनगर तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा अपने एवं अपने रिश्तेदारों सगे संबंधियों को लाभ दिलाने के लिए इसी तरह से लोगों का फर्जी कार्य करके कर्मचारियों ने अपने नाम पर 20- कहीं 30 आरे की जमीन खरीद ली और पूर्व में किए गए रेलवे अधिग्रहण ग्राम खरोही की अनुमति लेकर इंसाफ पिता बशीर मोहम्मद इकबाल का नाम खसरा नंबर 2445/1/2 अर्जित भूमि 0.300 की गई यह एसडीएम रीडर बाबू के भाई हैं, इसी तरह से योगेंद्र सिंह पिता पर्वत सिंह निवासी राजनगर एवं अजय सिंह प्रताप भगवत सिंह एवं सतीश पिता संतोष तिवारी अभिनव सिंह पिता कृष्ण प्रताप सिंह ठाकुर खसरा नंबर 1650/1/1/1पर अर्जित भूमि 0.447 जमीन खरीद कर नामांतरण करवा लिया गया यह सभी राजनगर के इसी कार्यालय में पदस्थ है इन लोगों के द्वारा तीन-तीन बटांक में एक ही खसरा नंबर पर जमीन खरीद कर नामांतरण करके अपना नाम मुआवजा में शामिल कर लिया है इस मुआवजा में पूर्व एसडीएम डीपी द्विवेदी के रिश्तेदारों  से लेकर परमार एसडीएम तक के ड्राइवर एवं जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ कई कर्मचारी इसमें शामिल है शासन को गुमराह करके योजना पर तरीके से राशि को ठिकाने लगाने का कार्य किया गया सीधी सिंगरौली रेलवे भू अधिग्रहण पर जमीनों की रजिस्ट्री की रोक होने के बावजूद भी जमीनों की रजिस्ट्री होने से जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं आवेदनकरता के द्वारा शिकायत भी जिला कलेक्टर छतरपुर एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं जिम्मेदारों को की गई लेकिन इन पर आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं की गई इस तरह का भ्रष्टाचार जिम्मेदारों की मिली भगत से किया जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है खबर का प्रकाशन होने के पश्चात अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कितनी कार्रवाई के लिए कितनी हरकत में आता है।