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मंगलवार, 10 दिसंबर 2024

सूर्या अस्पताल में नाबालिग के प्रसव मामले में पुलिस ने की बड़ी कार्यवाई....दो डॉक्टरों सहित अस्पताल प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज....अवैधानिक तरीके से नवजात का लिखा जा रहा था गोदनामा।

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर। पिछले दिनों सूर्या मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल में हुए नाबालिग के प्रसव के मामले में पुलिस प्रशासन तथा मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग लगातार कार्यवाहियां कर रहा है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को दोषी मानते हुए जहां कैंट थाना पुलिस ने कार्यवाही की है। वहीं दूसरी ओर मप्र राज्य बाल संरक्षण आयोग ने नवजात को नियम विरूद्ध तरीके से गोद दिए जाने के मामले में एसपी को जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

सूर्या अस्पताल में नाबालिग का नियम विरूद्ध तरीके से प्रसव के मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए अस्पताल प्रबंधक सहित दो अन्य चिकित्सकों पर कार्यवाही की है। कैंट थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन के डॉ. के.के. पटैल, डॉ. मोहम्मद अजहर खान, सहायक शबनम खान पर पॉस्को अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि गत 26 नवंबर को सूर्या अस्पताल में एक नाबालिक बालिका का नियम विरूद्ध तरीके से प्रसव कराते हुए बालिका को छिपाने का प्रयास किया था। जिसकी जानकारी मिलने पर बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों ने पुलिस के साथ जाकर बालिका का रेस्क्यू कराया था और नियम अनुसार कार्यवाही करते हुए बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

नवजात को अवैधानिक तरीके से गोद देने का प्रयास

वहीं इस पूरे मामले में नाबालिक प्रसूता के परिजनों द्वारा नवजात को अवैधानिक तरीके से महज स्टाम्प पेपर पर गोद देने की साजिश की जा रही थी। जैसे ही इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो मौके पर पुलिस ने नाबालिग तथा उसके परिजनों को कागजों सहित बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जिसके बाद बाल कल्याण समिति ने त्वरित रूप से संज्ञान लेते हुए नाबालिग और उसके नवजात को आश्रम में रख दिया है जहां उसकी पर्याप्त देखरेख की जा रही है। नवजात को नियम विरूद्ध तरीके से गोद दिए जाने के मामले में मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को सागर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।