//राजेश पाराशर//
नेटवर्क सागर। कांग्रेस महू में जय भीम-जय बापू-जय संविधान रैली को लेकर आंदोलित है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जन्मस्थली पर नौटंकी कर रहे है। कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का सदैव अपमान व अनादर किया है। अच्छा होता कांग्रेस डॉ.भीमराव अंबेडकर जी पर किए गए अपने कृत्यों पर उनकी जन्मस्थली पर पहुंचकर प्राश्चित करें।कांग्रेस ने 1952 और 1954 में हुए लोकसभा के चुनाव में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को चुनाव में हराने का काम किया। बाबा साहब अंबेडकर जी का सबसे ज्यादा अपमान तो कांग्रेस ने ही किया था। जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें चुनाव में हरवा दिया था। उनके खिलाफ प्रचार करने भी उतरे थे। इस कारण 1952 के चुनाव में मुंबई उत्तर मध्य सीट से अंबेडकर जी हार गए थे और उनके मुकाबले नारायण सदोबा काजरोलकर को जीत मिली।
1956 में बंडारा लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ने ही अंबेडकर जी को हराया था।
यही नहीं इन्हीं नारायण सहोबा काजरोलकर को कांग्रेस की सरकार ने 1970 में पद्म भूषण जैसे देश का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान दिया था। कांग्रेस का नेतृत्व करने वाला पूरा नेहरू- गांधी परिवार अपने लिए भारत रत्न लेता रहा लेकिन भीमराव अंबेडकर जी को सम्मान नहीं दिया गया। डॉ. अंबेडकर जी को भारत रत्न देने की मांग नेहरू शासन काल, इंदिरा गांधी शासनकाल और राजीव गांधी शासनकाल में होती रही लेकिन भीमराव अंबेडकर जी को भाजपा समर्थन वाली सरकार के शासन काल में वर्ष 1990 में मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। जिस संविधान के आधार पर लोकसभा और राज्यसभा चलती हैं उस सभा में कांग्रेस ने कभी भी भीमराव अंबेडकर जी का चित्र नहीं लगाया। 1990 में भारतीय जनता पार्टी समर्थित सरकार के कार्यकाल में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के योगदान के सम्मान में शैल चित्र लगाया गया। कांग्रेस ने सदैव नेहरू परिवार को प्राथमिकता दी और भीमराव अंबेडकर जी का अपमान और अनादर किया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की मृत्यु दिल्ली में हुई और उनका अंतिम संस्कार मुंबई में हुआ। उनके निर्वाण के लिए दो गज की जमीन भी नहीं मिली। राजघाट पर नेहरू जी और इंदिरा जी के समाधि स्थल बनाए गए लेकिन कांग्रेस सरकार ने कभी भी डॉ. अंबेडकर जी का समाधि स्थल बनाने की पहल कभी नहीं की।14 अप्रैल 1991 में तात्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की भाजपा सरकार ने 100 वीं अंबेडकर जयंती के दिन महू में उनकी जन्मस्थली पर स्मारक की आधारशिला रखी थी। आगे इसका कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया। लेकिन इसके बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 10 वर्ष दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में उनकी जन्म स्थल पर स्मारक पर एक भी ईंट लगाने की पहल नहीं की गई।
आज डॉ अंबेडकर जी से जुड़े स्थान चाहे उनकी जन्मस्थली हो, चाहे शिक्षा स्थली हो,या दीक्षा स्थली हो,या निर्माण स्थल हो या चैत्य भूमि हो, उनसे जुड़े चिर स्मरणों को संजोने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया। करोड़ो की लागत से उनकी जन्मस्थली पर दिव्य और भव्य स्मारक बनाने का काम भी भारतीय जनता पार्टी की ही शिवराज सिंह सरकार ने किया। भाजपा सरकार ने अंबेडकर जी के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से जोड़ा। मध्यप्रदेश में अब अंबेडकर महाकुंभ का आयोजन होता है, जिसकी समुचित व्यवस्था व प्रबंधन भाजपा की सरकार कर रही है।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विभाग भी भारतीय जनता पार्टी शासनकाल में बनाए गए। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 125 वीं जयंती वर्ष के अवसर पर देश में संविधान दिवस बनाने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश में आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन कांग्रेस ने उनके जन्मस्थान पर न तो कोई आयोजन किया और न ही कोई स्मारक बनाने की कल्पना की। कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का तिरस्कार और अपमान किया। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के मूल्यों और सिद्धांतों का चीरहरण कांग्रेस शासनकाल में हुआ।
यह सुअवसर है कि जब भारतीय जनता पार्टी हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान अभियान का आगाज कर रहा है। कांग्रेस के नेता जन्मस्थली पहुंचकर बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर जी के चरणों में माफी मांगे और प्राश्चित करें।