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रविवार, 31 मार्च 2019

सेवा सहकारी समितियों में धांधलियों की भरमार।

गेहूं उपार्जन पंजीयन से पात्र किसान वंचित,अपात्रों को लाभ।


सेवा सहकारी समितियों में धांधलियों की भरमार।

कम्प्यूटर आपरेटर और समिति प्रबंधक की पत्नी का है अवैध पंजीयन।

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। गेंहू उपार्जन के लिये सेवा सहकारी समितियों में किसानों के साथ पंजीयन में भारी धांधली की गयी है।
 इस धांधली के चलते जहां कई पात्र कृषक पंजीयन कराने से बंचित रह गये हैं तो कही कई अपात्र कृषकों ने भी अपना पंजीयन करा लिया है।
सेवा सहकारी समिति घुवारा के कम्प्यूटर ऑपरेटर धर्मेन्द्र खरे ने अपना स्वयं का पंजीयन कर दिया और इसके लिये उसके द्वारा रहवासी एरिया की जमीन का रक्बा लगाया गया जिसमें मकान बने हुये हैं तो वहीं समिति प्रबंधक की पत्नि केराबाई का पंजीयन फर्जी तरीके से कर दिया गया।
 उसके पंजीयन ने ढडौरा गांव की जमीन लगी है।
इसकी शिकायत पवन शुक्ला द्वारा एसडीएम बड़ामलहरा, सहकारी बैंक घुवारा के शाखा प्रबंधक और बडामलहरा विधायक प्रदुम्र ङ्क्षसह से की है लेकिन अभी तक कोई जांच नहीं हुई है।
शिकायत में पवन शुक्ला ने बताया कि कम्प्यूटर ऑपरेटर धर्मेन्द्र  खरे ने अपना जो पंजीयन किया है उसमें खसरा नंबर 2735/1 का रकबा लगाया है जबकि  इस रकबे में मकान बने हुये हैं। अगर प्रशासन जांच करे तो यह सच्चाई सामने आ सकती है।
वहीं समिति प्रबंधक बाबू सिंह की पत्नि के नाम भी पंजीयन किया गया है और उसमें भी फर्जी जमीन लगायी गयी है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षो से जिले की ज्यादातर सेवा सहकारी समितियों में घोटाले दर घोटाले भ्रष्ट समिति प्रबंधकों द्वारा अंजाम किए जा रहे है।
लाखों से करोड़ों रूपयों तक की सरकारी धनराशि हड़प करने के बावजूद दोषियों के खिलाफ इसलिए कोई कार्यवाही नहीं हुई क्योंकि घोटालेबाजों को उच्च राजनैतिक संरक्षण हासिल रहता है। यही वजह है कि सप्रमाण शिकायतों के बावजूद जांच की नोटंकी तो हर बार होती है लेकिन बाद में मामलों को रफा-दफा कर दिया जाता है और ज्यादातर घपलों के मामलों में लिप्त घोटालेबाज जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मेहरबानी के चलते बच निकलते है।

40 % किसान है पंजीयन से वंचित। 

गेंहू उपार्जन के लिये पंजीयन का समय समाप्त हो चुका है। 
पंजीयन के दौरान बर्ती गयी धंाधली और लापरवाही के कारण 40 प्रतिशत पात्र किसान अपना पंजीयन कराने से बंचित रह गये हैं।
क्षेत्र के ऐसे तमाम किसान है जिनके पास  पर्याप्त जमीन होते हुये भी उनका पंजीयन नहीं हुआ जबकि अपात्र किसानों के पंजीयन हो चुके हैं।
इसमें कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने खुलकर मनमानी करते हुए लापरवाहीवर्ती है।
 पंजीयन से बंचित 40 प्रतिशत किसान अब गेंहू विक्रय के दौरान या तो किसी किसान के खाते में अपना गेंहू डलवायेंगे या फिर व्यापारी को बेचने के लिये मजबूर होंगे और यह सब कम्प्यूटर ऑपरेटर की लापरवाही के कारण किसानों को भुगतना पड़ेगा।

इनका कहना है कि....

हां हमारे पास शिकायत आई है। अभी हम मार्च क्लोजिंग में व्यस्त है। फ्री होने के बाद दस्तावेजों की जांच करेंगे।

(आनंद मोहन खरे, ब्रांच मैनेजर, जिला सहकारी बैंक घुवारा)

आपके द्वारा जो शिकायत बताई गई है उसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी कराई जाएगी।

(सुरेश रावत,महाप्रबंधक, कोआपरेटिव बैंक छतरपुर)