इस तीर्थ स्थल पर पर्याप्त सुविधाओं का है आभाव,कमेटी छोटे-छोटे काम कराने में नाकाम।
//राजन असाटी//
बांदकपुर(दमोह)। बांदकपुर धाम में यहां की रखरखाव के लिए 90 वर्षों से चल रही मंदिर कमेटी निष्क्रियता की हदें पार कर रही है।हर मंदिर की ध्वज, पताका, झंडे बहुत प्रमुख होते हैं जिससे मंदिर का आकर्षण एवं प्रभाव अलग दिखाई देता है लेकिन बांदकपुर मंदिर इतना प्रसिद्ध होने के बाद भी यहां की मंदिर कमेटी मंदिर एवं श्रद्धालुओं के प्रति बहुत उदासीन है महीनों से बांदकपुर मंदिर में फटे पुराने झंडे लगे हुए हैं जिनका रंग भी बदल गया है और जो फट भी चुके हैं कुछ डंडे तो बिना झंडों के ही लगे हुए लेकिन मंदिर कमेटी और मंदिर की व्यवस्था में लगे लोग इन सब व्यवस्थाओं को लेकर उदासीन अनजान हैं ।शिव भक्तों ने मंदिर कार्यालय में 1 सप्ताह पहले 19 नवंबर को नए झंडे बनवा कर लगवाने के लिए मंदिर कार्यालय में दिए थे जिनको कार्यालय ने अगले ही दिन लगवाने का भरोसा दिया था लेकिन 1 सप्ताह के बाद भी जब झंडे नहीं बदले गए तो शिव भक्तों ने पुनः 25 नवंबर सोमवार को मंदिर कार्यालय जाकर जानकारी ली और नए झंडे देने के बाद भी एक सप्ताह में नही बदलने पर स्वयं शिवभक्तों ने नए बांस लाकर मंदिर के झंडे बदले और कार्यालय में पुनः निवेदन किया कि अन्य जो झंडे बचे हैं वह बदले जाएं लेकिन मंदिर कार्यालय यहाँ वहाँ की बात करता दिखा उनका कहना था कि वे अपने हिसाब से कार्य करते हैं।
झंडे बदलने में अनेक भक्तों का सहयोग रहा जिसमें आशाय दुबे, पप्पू पुजेरी, धर्मेंद्र यादव, बबलू,धर्मेंद्र यादव, राजेंद्र अहिरवाल, लक्ष्मण आदिवासी, नामदेव आदि का सहयोग रहा।